श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार देर रात उस समय भीषण विस्फोट हो गया, जब फोरेंसिक टीम फरीदाबाद में पकड़े गए सफेदपोश आतंकी नेटवर्क से बरामद अमोनियम नाइट्रेट की जांच कर रही थी।
धमाका इतना तेज था कि थाने का बड़ा हिस्सा ढह गया और पार्किंग में खड़ी कई गाड़ियों में आग लग गई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार पुलिस इंस्पेक्टर समेत 10 लोगों की मौत हुई है, जबकि 27 लोग घायल हुए हैं। घायलों में 24 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार यह आतंकी हमला नहीं बल्कि हादसा था। जिस अमोनियम नाइट्रेट में विस्फोट हुआ, वह दिल्ली विस्फोट मामले में गिरफ्तार जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद से जुड़े सफेदपोश आतंकियों के गिरोह से बरामद किया गया था। फरीदाबाद में पकड़े गए कश्मीरी आतंकी डॉ. मुजम्मिल के ठिकाने से मिले 360 किलोग्राम विस्फोटक में से कुछ हिस्सा एफएसएल में और शेष नौगाम थाने के मालखाने में रखा गया था।
धमाका रात करीब 11:15 बजे हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि विस्फोट की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए। आग की लपटें थाने से दूर तक दिखाई दे रही थीं। पुलिस स्टेशन के वाहन भी जलकर क्षतिग्रस्त हो गए।
घटना के बाद दमकल दल, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, सीआरपीएफ और जांच टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है। जम्मू–कश्मीर पुलिस ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना बताते हुए कहा है कि इसमें किसी आतंकी साजिश के सबूत नहीं मिले हैं।
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