ईरान में 5.1 तीव्रता का भूकंप, परमाणु परीक्षण की अटकलें तेज़ — क्या है सेमनान की भूमिका?
ईरान और इज़रायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच शुक्रवार रात एक नई हलचल ने चर्चा का केंद्र बदल दिया। 20 जून को ईरान के सेमनान प्रांत में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। लेकिन यह सिर्फ एक प्राकृतिक घटना नहीं रही — भूकंप के कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर “न्यूक्लियर टेस्ट” ट्रेंड करने लगा और अटकलों का दौर शुरू हो गया कि क्या यह कोई छुपा हुआ परमाणु परीक्षण था।
भूकंप आया, सवाल उठे
यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के अनुसार, यह भूकंप स्थानीय समयानुसार रात 9:19 बजे आया और इसका केंद्र ज़मीन से 35 किमी नीचे था। झटके उत्तरी ईरान के कई हिस्सों में महसूस किए गए, हालांकि किसी जानमाल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई।
भूकंप की खबर के साथ ही सोशल मीडिया पर परमाणु परीक्षण को लेकर अटकलें तेज़ हो गईं। खासतौर पर इसलिए क्योंकि भूकंप का केंद्र वही सेमनान क्षेत्र था, जहां ईरान का प्रमुख मिसाइल और सैन्य ठिकाना मौजूद है।
सेमनान: सिर्फ शहर नहीं, एक रणनीतिक ज़ोन
सेमनान प्रांत ईरान के सैन्य ढांचे में अहम स्थान रखता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण परिसर, मिसाइल निर्माण फैक्ट्री और एक स्पेस लॉन्च सेंटर मौजूद है।
1987 में ईरान ने यहीं से ‘ओग़हाब’ आर्टिलरी रॉकेट बनाना शुरू किया था। उसके बाद नाज़ेट, शाहब-I और जेलज़ेल जैसे सॉलिड फ्यूल रॉकेट्स का उत्पादन भी यहीं हुआ। इस पूरे इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में चीन की भूमिका भी बताई जाती है।
इज़रायल की चेतावनी और परमाणु तनाव
हाल ही में इज़रायल ने दावा किया था कि ईरान अपने परमाणु हथियार डिजाइन की प्रक्रिया लगभग पूरी कर चुका है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यह तक कहा कि उनका देश ईरान के परमाणु ठिकानों को खत्म करने से पीछे नहीं हटेगा।
वहीं ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक इज़रायल की आक्रामकता जारी रहेगी, वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर किसी भी अंतरराष्ट्रीय वार्ता में हिस्सा नहीं लेगा। विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने शुक्रवार को यह बयान देते हुए यूरोपीय प्रयासों को भी खारिज कर दिया।
भूकंप या परीक्षण: अभी कुछ तय नहीं
फिलहाल इस बात का कोई सबूत नहीं है कि यह भूकंप किसी परमाणु परीक्षण का नतीजा था। लेकिन भूकंप के केंद्र और ईरान की सैन्य गतिविधियों के मेल ने संदेह को जन्म दिया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, परमाणु परीक्षण के दौरान खास प्रकार के सिस्मिक संकेत और रेडिएशन सबूत होते हैं, जो अभी तक सामने नहीं आए हैं।
हालांकि, मौजूदा हालात और सेमनान की संवेदनशीलता को देखते हुए यह चर्चा यूं ही खत्म नहीं होगी।
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