अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पनामा शहर, कनाडा और ग्रीनलैंड के बाद अब गाजा पर कब्जा जमाना चाहते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि गाजा पट्टी का पुनर्विकास किया जाएगा। इसे दोबारा बसाने में कई वर्ष लगेंगे। ट्रंप ने कहा कि हमारे प्रस्ताव के तहत फलस्तीनियों को गाजा पट्टी में लौटने का अधिकार नहीं होगा। ट्रंप फलस्तीनियों को आसपास के देशों में बसाना चाहते हैं। यही वजह है कि उन्होंने कहा कि फलस्तीनियों को लेने के लिए जॉर्डन और मिस्र के साथ हम एक समझौता कर सकते हैं। अमेरिका दोनों देशों को हर साल अरबों डॉलर की मदद देता है।
कई साल में रहने लायक बनेगा गाजा
फॉक्स न्यूज के एक इंटरव्यू में जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या फलस्तीनियों को गाजा लौटने का अधिकार होगा तो उन्होंने कहा कि नहीं। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि वहां उनके पास बेहतर आवास होंगे। मैं उनके लिए एक स्थायी जगह बनाने की बात कर रहा हूं। गाजा को फिर से रहने लायक बनाने में कई साल लगेंगे।
गैर-जिम्मेदाराना बयान: हमास
पिछले हफ्ते डोनाल्ड ट्रंप ने लगभग 22 लाख फलस्तीनियों को दोबारा बसाने का प्रस्ताव रखा। मगर अब पहली बार उन्होंने कहा कि फलस्तीनिया के पास गाजा लौटने का कोई अधिकार नहीं होगा। हालांकि गाजा के लोगों ने ट्रंप के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। हमास ने भी ट्रंप के बयान की आलोचना की। हमास के वरिष्ठ अधिकारी समी अबू जुहरी ने कहा कि ट्रंप का यह बयान कि फिलिस्तीनी गाजा में वापस नहीं लौट पाएंगे गैर-जिम्मेदाराना है।
सऊदी अरब ने खारिज किया प्रस्ताव
ट्रंप ने जब पिछले हफ्ते गाजा पट्टी पर कब्जे का प्लान साझा किया तो सऊदी अरब समेत कई सहयोगियों ने इसे खारिज कर दिया। हालांकि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू फलस्तीनियों को बसाने के प्रस्ताव की प्रशंसा कर चुके हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी कह चुके हैं कि गाजा पट्टी के पुनर्निर्माण तक फलस्तीनियों को कहीं और रहना होगा।
मध्य पूर्व की यात्रा पर जाएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो इस सप्ताह के अंत में मध्य पूर्व की अपनी पहली यात्रा पर जाएंगे। इससे पहले रुबियो ने सोमवार को वाशिंगटन में मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती से मुलाकात की। दरअसल, मिस्र को डर है कि फलस्तीनियों को गाजा के साथ मिस्र की सीमा पार करने के लिए मजबूर किया जा सकता है।