मणिपुर में फिर हालात बेकाबू, प्रदर्शनकारियों ने सरकारी दफ्तर फूंका; सुरक्षाबलों पर भी किया हमला

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मणिपुर से लगातार हिंसक घटनाएं सामने आ रही हैं। मैतई समुदाय के लोगों की सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ देखने को मिली। इस दौरान मैतई समुदाय के लोगों ने सरकारी इमारतों में आग लगा दी। पुलिस के अनुसार इस हिंसा के पीछे की वजह मैतई समुदाय के नेता समेत 4 की कथित गिरफ्तारी को बताया जा रहा है।

सुरक्षाबलों पर किया हमला
सोमवार को मणिपुर के कई हिस्सों पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच अचानक झपड़ होने लगी। इंफाल पश्चिम के क्वाकेइथेल और सिंगजामेई में प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर हमला किया। हालात इतने बिगड़ गए कि स्थित पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोलों और रबर बुलट का इस्तेमाल किया।

सरकारी दफ्तर में लगाई आग
प्रदर्शनकारियों ने इंफाल पूर्व जिले के सब डिविजनल कलेक्टर (SDC) के दफ्तर में आग लगा दी। इससे इमारत को काफी नुकसान हुआ और कई आधिकारिक रिकॉर्ड आग में जलकर राख हो गए। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिसबल की तैनाती की गई है।

कई इलाकों में आगजनी की घटनाएं
इंफाल ईस्ट के वांगखेई, याइरीपोक और खुराई जैसे इलाकों में आगजनी की घटनाएं देखने को मिलीं हैं। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर जलाकर विरोध प्रकट किया है। पुलिस के अनुसार,

कई इलाकों में परिस्थितियां और भी ज्यादा खराब हो गई हैं। प्रदर्शनकारियों ने कई सड़कों पर बांस लगाकर रास्ते जाम कर दिए हैं। खासकर इंफाल एअरपोर्ट की तरफ जाने वाली टिड्डिम रोड को भी बंद कर दिया गया था, जिसे सुरक्षाबलों ने खाली करवाया।

5 जिलों में बंद की गई थी इंटरनेट सेवा
प्रदर्शनकारियों में कई महिलाएं भी शामिल हैं। महिलाओं ने खुरई में टॉर्चलाइट मार्च निकालते हुए राज्य में नई सरकार बनाने की मांग की है। बता दें कि वर्तमान में मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाया गया है। बीते दिन प्रशासन ने मणिपुर के 5 जिलों में इंटरनेट सेवा पर भी रोक लगा दी थी।

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