जमीन हड़पने के लिए रची गई साजिश: फर्जी शादी के बाद हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार
मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी 45 वर्षीय इंद्र कुमार तिवारी की हत्या के मामले में पुलिस ने एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि पीड़ित की संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से आरोपियों ने पहले उससे फर्जी शादी की और फिर सुनियोजित तरीके से हत्या कर दी।
कैसे बनी साजिश की शुरुआत
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के एक कार्यक्रम में जबलपुर निवासी इंद्र तिवारी ने मंच से अपने अविवाहित होने की बात कही थी और बताया था कि उनके पास 18 एकड़ जमीन है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद यूपी के गोरखपुर के कुछ लोगों की नजर इंद्र तिवारी पर पड़ी। मुख्य आरोपी साहिबा बानो, जो कि खुशी तिवारी के नाम से फर्जी पहचान बनाए हुए थी, ने दो अन्य साथियों कौशल कुमार और समसुद्दीन अंसारी के साथ मिलकर साजिश रची।
फर्जी पहचान और धोखाधड़ी के जरिए संपर्क
साहिबा बानो ने आधार कार्ड समेत दस्तावेजों में अपना नाम और धर्म बदलकर ‘खुशी तिवारी’ की पहचान बनाई। सोशल मीडिया के जरिए उसका संपर्क कौशल कुमार से हुआ था, जिसके साथ वह गोरखपुर में रह रही थी। वायरल वीडियो देखने के बाद दोनों ने इंद्र तिवारी से संपर्क करने की योजना बनाई। कौशल ने खुद को साहिबा का भाई बताकर इंद्र से संपर्क किया और फर्जी विवाह का प्रस्ताव रखा।
गोरखपुर बुलाकर बनाई संपत्ति की वारिस
कुछ दिनों की फोन बातचीत के बाद इंद्र तिवारी को गोरखपुर बुलाया गया, जहां वह खुशी तिवारी (असली नाम साहिबा बानो) और कौशल कुमार के साथ रहने लगा। योजनाबद्ध तरीके से एक हलफनामा तैयार कराया गया जिसमें इंद्र ने मृत्यु के बाद अपनी संपत्ति की वारिस खुशी तिवारी को घोषित किया।
शादी का नाटक और हत्या
इसके बाद आरोपियों ने इंद्र को कसया, कुशीनगर स्थित एक होटल में ले जाकर सिंदूर लगाकर शादी का नाटक किया। उसी रात इंद्र को पनीर में नींद की गोलियां मिलाकर बेहोश किया गया और फिर तीनों आरोपी उसे कार में बैठाकर सुकरौली ले गए, जहां चाकू से उसकी हत्या कर शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया।
जांच और गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्रा ने बताया कि हत्या के बाद आरोपी ज्वेलरी, नकदी और दस्तावेज लेकर फरार हो गए थे। जांच में मृतक का मोबाइल, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, जेवरात और घटना में प्रयुक्त कार बरामद कर ली गई है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार भी घोषित किया गया है।
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