एयर इंडिया हादसे की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: टेकऑफ के चंद सेकंड बाद दोनों इंजन बंद, 270 लोगों की गई थी जान
अहमदाबाद में 12 जून को हुए भीषण एयर इंडिया विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट के मुताबिक, टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद ही ड्रीमलाइनर विमान के दोनों इंजन हवा में बंद हो गए थे।
स्विच खुद ही ‘CUTOFF’ पर कैसे गए?
रिपोर्ट बताती है कि ईंधन आपूर्ति को नियंत्रित करने वाले दोनों फ्यूल कटऑफ स्विच अचानक ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ मोड में चले गए, जिससे इंजनों को ईंधन मिलना बंद हो गया। यह प्रक्रिया जानबूझकर नहीं की गई थी—पायलट भी हैरान थे। कॉकपिट रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता है, “तुमने इंजन क्यों बंद किया?” जवाब आता है, “मैंने नहीं किया।”
क्या हुआ हादसे के वक्त?
- विमान में 242 यात्री सवार थे; 241 की मौत हुई
- विमान एयरपोर्ट के पास बीजे मेडिकल कॉलेज हॉस्टल से टकराया, जिससे छात्रों समेत कुल 270 लोगों की जान गई
- टेकऑफ के 32 सेकंड बाद ही विमान गिर गया—उसने सिर्फ 0.9 नॉटिकल मील (करीब 1.6 किमी) की दूरी तय की
- इंजन बंद होते ही Ram Air Turbine (RAT) सक्रिय हो गया—यह केवल तभी निकलता है जब पूरी तरह पॉवर फेल हो
रिकवरी की कोशिश नाकाम
जांच में पता चला कि फ्यूल स्विच को दोबारा ‘RUN’ मोड में लाने की कोशिश की गई थी। इंजन 1 कुछ हद तक रिकवर हुआ, लेकिन इंजन 2 दोबारा स्टार्ट नहीं हो पाया।
फ्लैप, गियर और लीवर सामान्य
रिपोर्ट के अनुसार, टेकऑफ के समय फ्लैप और लैंडिंग गियर की स्थिति सामान्य थी
ब्लैक बॉक्स डेटा बताता है कि थ्रस्ट लीवर आखिरी वक्त तक फॉरवर्ड पोजिशन में थे
यानी पायलटों ने विमान को बचाने की पूरी कोशिश की
FAA की चेतावनी को नजरअंदाज किया गया था
रिपोर्ट में कहा गया है कि FAA ने 2018 में फ्यूल कंट्रोल स्विच की सुरक्षा को लेकर चेतावनी दी थी, लेकिन इसे अनिवार्य नहीं माना गया। एयर इंडिया ने भी इस पर कोई जांच नहीं कराई।
तकनीकी साजिश के संकेत नहीं
AAIB की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि हादसे के पीछे किसी तरह की साजिश या तोड़फोड़ के सबूत नहीं मिले हैं। हालांकि, हादसे के कारणों की विस्तृत जांच अब भी जारी है।
एयर इंडिया की प्रतिक्रिया
एयर इंडिया ने हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति शोक व्यक्त किया है और कहा है कि वह प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। कंपनी ने पुष्टि की कि वह नियामक एजेंसियों के साथ सहयोग कर रही है, लेकिन जांच लंबित रहने के कारण फिलहाल किसी तकनीकी पहलू पर टिप्पणी नहीं करेगी।
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