मराठी बोलने का दबाव बना, महिला ने दिया तीखा जवाब: “हिंदुस्तानी नहीं हो क्या?”

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मुंबई में भाषा को लेकर फिर विवाद, महिला से जबरन मराठी में बात करने की कोशिश.

मुंबई के घाटकोपर इलाके में भाषा को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। यहां रहने वाली संजीरा देवी नाम की महिला ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने उन पर मराठी में बात करने का दबाव बनाया और अपशब्द कहे।

घटना के वक्त संजीरा देवी अपने घर के पास खड़ी थीं, तभी रास्ते में खड़े कुछ लोगों से उन्होंने हटने का आग्रह किया ताकि वह निकल सकें। आरोप है कि इस पर मौजूद लोगों ने उन्हें गालियां दीं और कहा कि “मराठी में बोलो।” संजीरा देवी ने जवाब में कहा कि वह भारतीय हैं और हिंदी में बात कर रही हैं, साथ ही सवाल किया—”क्या आप हिंदुस्तानी नहीं हैं?” इसके बाद विवाद बढ़ गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी वहां से जा चुके थे। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे महिला पर मराठी में बात करने का दबाव डाला जा रहा है।

भाषाई टकराव के बढ़ते मामले
हाल के हफ्तों में मुंबई और उसके आसपास मराठी और हिंदी भाषियों के बीच भाषा को लेकर टकराव के कई मामले सामने आए हैं। कुछ दिन पहले सेंट्रल लाइन की एक लोकल ट्रेन में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुछ महिलाओं को यह कहते सुना गया: “मुंबई में रहना है तो मराठी बोलो, वरना बाहर निकलो।” वहीं मीरा रोड में भी एक गैर-मराठी दुकानदार के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी क्योंकि उसने मराठी में बात नहीं की थी।

इन घटनाओं ने एक बार फिर महाराष्ट्र में भाषा को लेकर चल रही बहस को हवा दी है, जहां स्थानीय भाषा के सम्मान और सभी भारतीय भाषाओं के समान अधिकार को लेकर टकराव देखने को मिल रहा है।

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