ईरान का ऐलान: हमले झेलने के बावजूद परमाणु कार्यक्रम नहीं रुकेगा
ईरान ने दो टूक कह दिया है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों के बावजूद उसका परमाणु कार्यक्रम जारी रहेगा। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोमवार को कहा, “हमारे परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया है, लेकिन इससे हमारा संकल्प नहीं डिगा है। हम अपना कार्यक्रम आगे बढ़ाते रहेंगे।”
12 दिन तक चला सैन्य संघर्ष
यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में इजरायल और ईरान के बीच सीधा सैन्य टकराव हुआ था। 13 जून को इजरायल ने ईरान पर हमला किया, जिसके जवाब में तेहरान ने भी जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद अमेरिका भी इस टकराव में कूद पड़ा और ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले किए।
ईरान पर आरोप है कि वह परमाणु बम बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इजरायल को आशंका है कि यह हथियार उसके खिलाफ इस्तेमाल हो सकता है। हालांकि ईरान बार-बार कह चुका है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है।
अब तुर्किये में होगी कूटनीतिक वार्ता
इस सैन्य तनाव के बीच ईरान अब कूटनीतिक पहल की ओर भी बढ़ रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि वह इस सप्ताह तुर्किये में यूरोपीय देशों के साथ परमाणु मसले पर बातचीत करेगा। इस बैठक में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास शामिल होंगी।
ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा, “बातचीत का उद्देश्य साफ है — प्रतिबंधों को हटाना और ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु अधिकारों को स्वीकार कराना।”
तनाव और संवाद दोनों साथ
ईरान के इस दोहरे संदेश से यह साफ है कि वह एक ओर परमाणु अधिकारों पर अडिग रहना चाहता है, वहीं दूसरी ओर पश्चिमी देशों के साथ संवाद का रास्ता भी खुला रखना चाहता है। अब निगाहें तुर्किये में होने वाली इस बैठक पर टिकी हैं, जहां तय होगा कि कूटनीति युद्ध से पहले रास्ता निकाल पाती है या नहीं।
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