IMF छोड़ेंगी गीता गोपीनाथ, फिर संभालेंगी हार्वर्ड में प्रोफेसर की भूमिका

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गीता गोपीनाथ का IMF से इस्तीफा, फिर लौटेंगी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की उप प्रबंध निदेशक गीता गोपीनाथ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा है कि वे फिर से हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में अकादमिक जीवन की ओर लौटेंगी। हालांकि, हार्वर्ड में उनकी नई भूमिका को लेकर फिलहाल स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। IMF ने कहा है कि समय आने पर उनके उत्तराधिकारी की घोषणा की जाएगी।

गीता गोपीनाथ IMF की पहली महिला उप प्रबंध निदेशक थीं। इससे पहले वे संस्थान की मुख्य अर्थशास्त्री भी रह चुकी हैं और इस पद पर नियुक्त होने वाली भी पहली महिला थीं। कोरोना महामारी के दौरान वैश्विक आर्थिक नीति निर्माण में उनकी भूमिका अहम रही।

शिक्षा और करियर
भारतीय मूल की गीता गोपीनाथ का जन्म 8 दिसंबर 1971 को कोलकाता में हुआ था। उनका परिवार केरल के कन्नूर से ताल्लुक रखता है। उनकी स्कूली शिक्षा मैसूर के निर्मला कॉन्वेंट स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक (BA ऑनर्स) किया और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से MA की डिग्री हासिल की। आगे की पढ़ाई के लिए वे अमेरिका गईं और प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पीएचडी पूरी की।

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रहते हुए उन्होंने वैश्विक अर्थशास्त्र पर उल्लेखनीय शोध कार्य किया और 2019 में IMF की मुख्य अर्थशास्त्री बनीं।

वैश्विक संकट में प्रभावी नेतृत्व
कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने वैश्विक वैक्सीनेशन रणनीति पर काम किया। उनकी पहल पर IMF, विश्व बैंक, WTO और WHO ने मिलकर मल्टीलेटरल टास्क फोर्स का गठन किया, जिससे वैक्सीन उत्पादन और वितरण की बाधाएं काफी हद तक दूर की जा सकीं।

उनकी इस भूमिका को वैश्विक स्तर पर सराहना मिली और उन्हें एक निर्णायक आर्थिक रणनीतिकार के तौर पर पहचाना गया।

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