गाजा में भुखमरी पर ट्रंप ने जताई चिंता, नेतन्याहू से मानवीय राहत की मांग

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गाजा संकट पर ट्रंप की नेतन्याहू से असहमति, बोले– भोजन पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी

गाजा में जारी मानवीय संकट पर अमेरिका और इज़रायल के बीच मतभेद और गहरे होते दिख रहे हैं। इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के उस बयान के बाद जिसमें उन्होंने गाजा में “भुखमरी जैसी कोई स्थिति” से इनकार किया था, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने असहमति जताई है।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर के साथ एक साझा वार्ता के दौरान ट्रंप ने कहा कि गाजा में भोजन की गंभीर कमी है और इसके समाधान की ज़िम्मेदारी सीधे नेतन्याहू पर है। स्टार्मर ने भी इस दौरान गाजा की स्थिति को “बेहद भयावह” बताया।

इज़रायली हमलों में 36 की मौत, मानवीय राहत सीमित
सोमवार को गाजा पर इज़रायल की ओर से नए हवाई हमलों में कम से कम 36 लोगों की जान चली गई। इससे एक दिन पहले, रविवार को इज़रायली सेना ने गाजा के तीन इलाकों में दिन के 10 घंटे सैन्य अभियान स्थगित रखने की घोषणा की थी, ताकि यूएई और जॉर्डन की ओर से राहत सामग्री गिराई जा सके।

सोमवार को दो विमानों के माध्यम से 17 टन राहत सामग्री गाजा में गिराई गई, जबकि मिस्र की सीमा से 180 ट्रकों के जरिए खाद्य और अन्य जरूरी सामान भेजे गए। हालांकि, इज़रायल ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह हवाई राहत योजना कितने दिनों तक चलेगी।

भारी कमी के बीच थोड़ी राहत, लेकिन सवाल बरकरार
गाजा में ज़मीन पर अमेरिकी संस्था Global Humanitarian Foundation (GHF) की ओर से खाद्य सामग्री वितरित की जा रही है। संयुक्त राष्ट्र ने विमानों से राहत गिराने की इस प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह व्यवस्था व्यापक जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ है।

फिलहाल गाजा में खाने-पीने की चीज़ों से लेकर दवाइयों तक लगभग हर आवश्यक वस्तु की भारी कमी है। नागरिक जीवन बुरी तरह प्रभावित है और मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है।

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