यूपी में बीजेपी की चुनावी तैयारी तेज़, हर बूथ पर 100 नए वोटर जोड़ने का टारगेट
लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। भले ही राज्य इकाई के नए अध्यक्ष का ऐलान अब तक नहीं हुआ है, लेकिन लखनऊ में हुई अहम बैठक में पार्टी ने बूथ स्तर की रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
बैठक में दो प्रमुख निर्णय लिए गए:
- हर बूथ पर कम से कम 100 नए वोटरों को जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया।
- हर विधानसभा क्षेत्र में 10 से 20 हज़ार नए वोटर जोड़ने की योजना है।
बैठक में यह भी तय हुआ कि वोटर लिस्ट से फर्जी और घुसपैठियों के नाम हटाने को लेकर पार्टी सख्ती से काम करेगी। बांग्लादेशी नागरिकों के नाम लिस्ट में न जुड़ें, इस पर खास ध्यान देने के निर्देश कार्यकर्ताओं को दिए गए हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह मौजूद रहे। धर्मपाल सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि वोटर लिस्ट में संदिग्ध नाम हैं, तो उसकी शिकायत चुनाव आयोग से की जाएगी।
बीजेपी का जोर दो स्तरों पर है:
- अपने समर्थकों के वोट पक्के कराना और छूटे नाम जुड़वाना।
- संदिग्ध और अवैध प्रवासियों के नाम हटवाना।
बैठक में पिछली हार का भी विश्लेषण हुआ। मुख्यमंत्री योगी ने इशारा किया कि लोकसभा चुनाव 2019 में कई जगह समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट में नहीं थे, जिससे नुकसान हुआ। इस बार पार्टी ने वोटर सूची पर विशेष सतर्कता बरतने का फैसला किया है। बैठक में बिहार मॉडल का ज़िक्र हुआ, जहां बीजेपी ने हाल ही में इसी मुद्दे पर घुसपैठ और फर्जी वोटिंग के खिलाफ अभियान चलाया था। उसी तर्ज पर यूपी में भी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय किया जाएगा।
डिप्टी सीएम मौर्य और पाठक ने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में चुनावी ज़मीन पर काम करने की रूपरेखा तैयार की गई, जिसमें बूथ प्रबंधन, वोटर वेरिफिकेशन और संगठन की निगरानी तीन प्रमुख स्तंभ होंगे।
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