राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, सेना पर टिप्पणी को बताया ‘ग़ैर-ज़िम्मेदाराना’
भारतीय सेना पर टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को फटकार लगाई है। अदालत ने सवाल किया कि उन्हें यह जानकारी कैसे मिली कि चीन ने भारत की ज़मीन पर कब्ज़ा किया है। पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा, “अगर आप सच्चे भारतीय हैं, तो सेना के बारे में इस तरह की बातें नहीं करनी चाहिए।” कोर्ट ने यह भी पूछा कि जब सीमा पर तनाव चल रहा हो, तब क्या ऐसी टिप्पणियां सार्वजनिक रूप से देना उचित है।
संसद में सवाल क्यों नहीं?
सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी से यह भी पूछा कि वे इस मुद्दे को संसद में क्यों नहीं उठाते और सोशल मीडिया पर बयानबाज़ी क्यों करते हैं। कोर्ट का कहना था कि संवेदनशील राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों को लेकर सार्वजनिक मंचों के बजाय संसद में सवाल करना ज़्यादा ज़िम्मेदारी भरा तरीका होता।
राहुल गांधी की तरफ से सफाई
राहुल गांधी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि बतौर नेता प्रतिपक्ष, राहुल को सरकार से सवाल पूछने का अधिकार है। उन्होंने कहा, “अगर वह बोल ही नहीं सकते, तो नेता प्रतिपक्ष के पद का क्या महत्व रह जाएगा?” इस पर सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा ज़ोर देते हुए कहा कि संसद में सवाल पूछने का मंच उपलब्ध है।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह मामला 2022 की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान राहुल गांधी के उस बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने गलवान विवाद का ज़िक्र करते हुए कहा था कि “चीनी सैनिकों ने हमारे जवानों को पीटा और इस पर कोई सवाल नहीं करता।” उन्होंने यह भी दावा किया था कि चीन ने भारतीय भूमि पर कब्ज़ा कर लिया है।
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