लगातार बारिश से पहाड़ों में भूस्खलन का संकट, हिमाचल-जम्मू में स्कूल बंद, उत्तराखंड में यातायात प्रभावित

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उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में भूस्खलन, सड़क बंद और नदियों का उफान जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। बारिश का असर पंजाब तक पहुंच गया है, जहां कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं।

हिमाचल प्रदेश: मणिमहेश यात्रा रोकी गई, स्कूल बंद
हिमाचल में भारी वर्षा और भूस्खलन के चलते चंबा प्रशासन ने मणिमहेश यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी है। ऑक्सीजन की कमी से तीन श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग रास्ते में फंसे हैं।

कांगड़ा में पौंग बांध का जलस्तर बढ़ गया है और चंडीगढ़-मनाली एनएच पर भूस्खलन से वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। चंबा, मंडी, ऊना और कांगड़ा जिलों में सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं।

जम्मू-कश्मीर: रेड अलर्ट, मकानों को नुकसान
जम्मू संभाग के आठ जिलों में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश से कई कच्चे मकान ढह गए और भूस्खलन से सड़कें बंद हो गईं। कश्मीर में गुलमर्ग, अमरनाथ गुफा और जोजि ला में बर्फबारी हुई है। तवी, चिनाब और झेलम का जलस्तर खतरे के निशान के करीब है।

जम्मू संभाग के सभी सरकारी और निजी स्कूल भी बंद रखे गए हैं।

उत्तराखंड: यात्राएं बाधित, 90 से अधिक सड़कें बंद
राज्य में जोरदार बारिश और भूस्खलन से गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा रोक दी गई है। बदरीनाथ और केदारनाथ के रास्ते भी बार-बार बाधित हो रहे हैं।
करीब 90 से अधिक संपर्क मार्ग अवरुद्ध हैं। देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर और नैनीताल में स्कूल बंद रहे। मौसम विभाग ने कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है।

पंजाब: बांध से पानी छोड़ा, गांव जलमग्न
हिमाचल और जम्मू में हो रही बारिश से पठानकोट स्थित रणजीत सागर बांध के सातों फ्लड गेट खोल दिए गए हैं। 2007 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है। रावी नदी का जलस्तर बढ़ने से गुरदासपुर, तरनतारन, कपूरथला, फिरोजपुर और फाजिल्का में बाढ़ आ गई है। कई गांवों का संपर्क टूट गया है और राहत कार्य जारी है।

मौसम विभाग ने हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और पंजाब में अगले 24 घंटों तक भारी बारिश और भूस्खलन का अलर्ट जारी किया है। लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

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