उत्तर भारत इस समय रिकॉर्डतोड़ बारिश और बाढ़ की चपेट में है। हिमाचल प्रदेश से लेकर पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक नदियां उफान पर हैं। जगह-जगह पुल और सड़कें टूट गई हैं, गाड़ियां बह गई हैं और हाईवे तक तबाह हो गए हैं। बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से हालात बेहद गंभीर हैं।
हिमाचल प्रदेश
20 जून से शुरू हुए मानसून के बाद से अब तक राज्य में 310 लोगों की मौत हो चुकी है, 38 लोग लापता हैं और 350 घायल हैं। बारिश और बाढ़ से अब तक लगभग 2,394 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। कुल्लू जिले के अधिकारियों के मुताबिक, भारी बारिश से राष्ट्रीय राजमार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। हल्के वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग बहाल करने की कोशिश की जा रही है।
जम्मू-कश्मीर
जम्मू क्षेत्र में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण 45 लोगों की मौत हो गई है। इनमें से कई मौतें वैष्णो देवी तीर्थ मार्ग पर भूस्खलन की वजह से हुईं। बाढ़ और भूस्खलन के चलते करीब 50 गांवों का संपर्क टूट गया है। अब तक 12 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। राहत कार्य जारी हैं और प्रमुख नदियों—तवी, चिनाब, बसंतर, रावी और उझ—का जलस्तर अब धीरे-धीरे घट रहा है।
उत्तराखंड
यहां मौसम विभाग ने देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट और उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी व पौड़ी में येलो अलर्ट जारी किया है। रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। भारी बारिश से कई जगहों पर हाईवे बाधित हो गए हैं और केदारघाटी क्षेत्र में हाहाकार मचा है।
देश के अन्य हिस्सों में
केरल से लेकर तेलंगाना तक बारिश से हालात बिगड़े हुए हैं। तेलंगाना में वर्षाजनित घटनाओं में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है। कई राज्यों में नदियों और बांधों का जलस्तर बढ़ने से रिहायशी इलाकों और खेतों में पानी भर गया है।
कश्मीर में हालांकि दो दिन से बारिश कम होने से बाढ़ का खतरा घटा है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली है। कुल मिलाकर, उत्तर से दक्षिण तक बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
पंजाब- बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव अभियान जारी
पंजाब के विभिन्न जिलों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान बृहस्पतिवार को जारी रहा, हालांकि कई गांव तथा निचले इलाके अब भी जलमग्न हैं. जिला प्रशासन ने सेना, राष्ट्रीय आपदा राहत बल, सीमा सुरक्षा बल और राज्य एजेंसियों की मदद से बचाव अभियान जारी रखा लेकिन स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है. अमृतसर जिला प्रशासन ने रामदास क्षेत्र के जलमग्न गांवों में फंसी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित कई लोगों को निकाला. रावी नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण क्षेत्र में फंसे लोगों को बचाने के लिए नौकाओं और अन्य वाहनों को तैनात किया गया है.
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