नेपाल में प्रदर्शन के दौरान मारे गए Gen-Z प्रदर्शनकारियों को मिलेगा ‘बलिदानी’ का दर्जा, सरकार ने 10 लाख मुआवजे का किया ऐलान
नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है। रविवार को सुशीला कार्की ने काठमांडू के सिंह दरबार सचिवालय में अंतरिम प्रधानमंत्री का पदभार संभाल लिया।
पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने ऐलान किया कि हालिया जेन-जी प्रदर्शनों में जान गंवाने वालों को ‘बलिदानी’ का दर्जा दिया जाएगा और उनके परिजनों को 10 लाख नेपाली रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।
कार्की का कड़ा संदेश
73 वर्षीय कार्की ने पद संभालने के बाद अधिकारियों की बैठक में कहा कि हिंसा और संपत्ति की तोड़फोड़ में शामिल लोगों को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 9 सितंबर को हुए प्रदर्शनों में हुई आगजनी और तोड़फोड़ सुनियोजित थी और इसमें जेन-जी प्रदर्शनकारी शामिल नहीं थे। इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलेगी।
पुलिस चौकियों की मरम्मत का आदेश
कार्की ने मुख्य सचिव एकनारायण अर्याल को देशभर में क्षतिग्रस्त हुई पुलिस चौकियों की मरम्मत करने के निर्देश दिए। चूंकि सिंह दरबार स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय आंदोलन के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था, इसलिए नवनिर्मित गृह मंत्रालय भवन को फिलहाल प्रधानमंत्री कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
प्रदर्शन में बढ़ी मौतों की संख्या
जेन-जी प्रदर्शनों के दौरान मरने वालों की संख्या 72 तक पहुंच गई है। इनमें 59 प्रदर्शनकारी, तीन पुलिसकर्मी और 10 कैदी शामिल हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार 3,723 भागे हुए कैदियों को फिर से गिरफ्तार किया गया है, जबकि 10,000 से अधिक अब भी फरार हैं। सीमा पर भारतीय सुरक्षा बलों ने भी भागने की कोशिश कर रहे कई कैदियों को पकड़कर नेपाल को सौंपा है।
चीन ने दी बधाई
चीन ने सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह नेपाल की जनता के फैसले का सम्मान करता है और दोनों देशों के बीच सहयोग और मित्रता को और मजबूत करेगा।
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