हिमाचल में बरपा मानसून का कहर, 424 की जान गई, 604 सड़कें ठप

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हिमाचल में कुदरत का कहर, 424 लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश में मानसून सीजन इस बार कहर बनकर बरपा है। 20 जून से अब तक राज्य में 424 लोगों की जान जा चुकी है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें 242 मौतें भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, बादल फटना और बिजली गिरने जैसी आपदाओं में हुईं, जबकि 182 लोग सड़क हादसों का शिकार बने।

मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित

मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है, जहां बारिश से जुड़ी घटनाओं में 42 और सड़क दुर्घटनाओं में 24 मौतें दर्ज की गईं। कांगड़ा में आपदा से 35 और हादसों से 22, चंबा में आपदा से 28 और हादसों से 22, जबकि शिमला में दोनों तरह की घटनाओं में 24-24 मौतें हुईं।

सड़कें और सुविधाएं ठप

18 सितंबर तक प्रदेश में दो नेशनल हाईवे समेत 604 सड़कें बंद पड़ी हैं। मंडी में अकेले 198 सड़कें बाधित हैं। बिजली आपूर्ति की 228 और जलापूर्ति की 221 योजनाएं प्रभावित हुई हैं।

भारी आर्थिक नुकसान

बारिश और भूस्खलन से 29,000 से ज्यादा घर आंशिक या पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। करीब 4.75 लाख पोल्ट्री पक्षी और 2,458 पालतू जानवर मारे गए हैं। अब तक राज्य को 47.49 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हो चुका है।

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