उत्तर भारत में अक्टूबर की शुरुआत के साथ ही मौसम ने फिर करवट ले ली है।
मानसून के औपचारिक रूप से विदा होने के बावजूद दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और आसपास के राज्यों में फिर से बारिश और आंधी का सिलसिला शुरू हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 5 से 7 अक्टूबर के बीच एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते कई इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और झमाझम बारिश की संभावना है।
दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने कहा है कि इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। वहीं, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी और ओलावृष्टि के आसार हैं।
यूपी और बिहार में अलर्ट
उत्तर प्रदेश के मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, बागपत, रामपुर और अमरोहा जैसे जिलों में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है। दशहरे के दिन मेरठ में हल्की बारिश दर्ज की गई थी, और मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह क्रम फिलहाल जारी रह सकता है।
बिहार में भी भारी बारिश से राहत नहीं मिलेगी। मौसम विभाग ने 17 जिलों में 7 अक्टूबर तक भारी बारिश, वज्रपात और तूफान की चेतावनी जारी की है। पूर्वी बिहार के निचले इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई गई है। राज्य के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। झारखंड की ओर विकसित हो रहे कम दबाव क्षेत्र के कारण बारिश और बढ़ सकती है।
ठंड की दस्तक
दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में तापमान में गिरावट शुरू हो सकती है। आईएमडी का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में ठंडी हवाएं चलने से मौसम में ठंडक महसूस होगी। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बर्फबारी की संभावना है।
दार्जिलिंग में भूस्खलन से तबाही
इस बीच, पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग और मिरिक पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भारी भूस्खलन हुआ, जिसमें कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए हैं। एनडीआरएफ और राज्य प्रशासन राहत व बचाव कार्य में जुटे हैं। भूस्खलन की वजह से कई घर बह गए, सड़कें टूट गईं और दूरदराज के गांवों का संपर्क कट गया। जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा में मलबे से पांच शव बरामद किए गए हैं।
मौसम विभाग ने सभी राज्यों को सतर्क रहने की सलाह दी है। स्थानीय प्रशासन को जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने, कमजोर इमारतों की मरम्मत कराने और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की चेतावनी जारी की गई है।
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