“राधे राधे 🙏 मैं डॉक्टर स्मृति राजपूत, दिल्ली से हूं…” — इन शब्दों से जब डॉ. स्मृति राजपूत अपने संवाद की शुरुआत करती हैं, तो उनमें झलकता है भक्ति, संगीत और मानवता का अद्भुत संगम।
डॉ. स्मृति राजपूत एक स्पिरिचुअल मोटिवेशनल स्पीकर, ग़ज़ल गायिका, कवयित्री और सोशल वर्कर हैं। अपने सुरों और शब्दों के माध्यम से वे न केवल लोगों को प्रेरित करती हैं, बल्कि जीवन के गहरे अर्थ भी समझाती हैं।
वे कहती हैं —
“मेरे राधा माधव की कृपा, मां के आशीर्वाद और आप सबके प्रेम से ही मुझे टी-सीरीज़ संस्कार, अंजन टीवी और अन्य टीवी चैनलों पर स्थान प्राप्त हुआ। यही मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।”
डॉ. स्मृति के अनुसार, संगीत उनके जीवन की आत्मा है। वे कहती हैं,
“संगीत मेरी सांसों में है, उसके बिना मैं अधूरी हूं। मैं चाहती हूं कि संगीत और अपने अच्छे कार्यों के माध्यम से मैं हमेशा आपकी स्मृतियों में जीवित रहूं।”

🌼 जीवन के प्रति उनकी दृष्टि
डॉ. स्मृति का मानना है कि जीवन बहुत अनमोल है, और इसका हर पल एक वरदान है। वे अक्सर अपनी कविताओं और वक्तव्यों में यह संदेश देती हैं कि —
“मनुष्य जन्म अनमोल रे, माटी में न रोल रे…
अब जो मिला है, फिर न मिलेगा — कभी नहीं रे...”
उनके अनुसार, ईश्वर ने हमें सांसों का जो खजाना दिया है, उसे व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। जीवन चाहे छोटा हो या बड़ा, इसे सार्थक बनाना ही सच्ची साधना है।

🌺 कर्म ही पूजा है
भगवद् गीता से प्रेरणा लेते हुए वे कहती हैं —
“श्रीकृष्ण हमें सिखाते हैं कि कर्म करो, फल की चिंता मत करो। हमें अपने जीवन में सदैव अच्छे कर्म करते रहना चाहिए, क्योंकि यही जीवन को मुस्कुराते हुए जीने की सच्ची कला है।”
🌸 आने वाले प्रोजेक्ट्स
डॉ. स्मृति ने बताया कि वे जल्द ही अपने नए कार्य और संगीत प्रोजेक्ट्स लेकर आने वाली हैं।
उन्होंने कहा —
“मैं अपने काम के माध्यम से कुछ नया लेकर आऊंगी। इसमें मुझे आपके प्रेम, सहयोग और आशीर्वाद की आवश्यकता है। अपना स्नेह और आशीर्वाद यूं ही बनाए रखें — यही मेरी प्रार्थना है।”

🌷 निष्कर्ष
डॉ. स्मृति राजपूत की यात्रा यह साबित करती है कि जब भक्ति, संगीत और सेवा का संगम होता है, तो जीवन स्वयं एक प्रेरणा बन जाता है।
उनकी पंक्तियां जीवन का सार कहती हैं —
“यही जिंदगी की रीत है,
बस यही मेरी प्रीत है।
स्मृति जीवन धन्य है,
मेरी सांसों में संगीत है…” 🎶
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