CJI गवई वियतनाम में बोले: न्याय प्रणाली हर नागरिक के लिए सुलभ हो, वकीलों और जजों की जिम्मेदारी

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प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई ने शनिवार को वकीलों और न्यायाधीशों पर जोर दिया कि वे न्याय प्रणाली को मजबूत और हर नागरिक के लिए सुलभ बनाएं।

उन्होंने कहा कि न्याय केवल महानगरों तक सीमित न रहे, बल्कि देश के दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगों तक भी इसकी पहुंच सुनिश्चित हो। वियतनाम के हनोई में आयोजित ”ला एशिया” सम्मेलन में संबोधन देते हुए CJI गवई ने कहा कि न्यायाधीशों के फैसलों में अपनाए गए सिद्धांत न्यायालय की प्रशासनिक नीतियों में भी झलकने चाहिए।

हाशिये पर पड़े समुदायों के लिए कदम:
CJI ने बताया कि प्रधान न्यायाधीश बनने के बाद उनकी प्राथमिकताओं में से एक यह था कि प्रशासनिक पदों की नियुक्तियों में सकारात्मक कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि पूरी तरह लागू हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाशिये पर रहने वाले समुदायों को प्रशासनिक नियुक्तियों में उचित हिस्सा मिले और ये नीतियां पारदर्शी और सुसंगत हों।

उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में निहित समानता का सपना — जो गौतम बुद्ध, महात्मा गांधी और बीआर आंबेडकर ने देखा था — ऐतिहासिक रूप से हाशिये पर रहे लोगों के जीवन को बदल चुका है। साथ ही वकीलों को महिलाओं की नियुक्तियों में कोई बाधा नहीं डालनी चाहिए, चाहे वह मातृत्व अवकाश हो या समय की सीमाएं।

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