दिवाली के बाद दमघोंटू दिल्ली: कई इलाकों में AQI 500 पार, सांस लेना हुआ मुश्किल

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दिवाली के बाद दिल्ली-एनसीआर में सांसें हुईं भारी, कई इलाकों में AQI 500 के पार।

दिवाली की रात जमकर हुई आतिशबाज़ी का असर अब दिल्ली-एनसीआर की हवा में साफ दिख रहा है। त्योहार के अगले ही दिन प्रदूषण का स्तर कई जगहों पर खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है। मंगलवार सुबह दिल्ली के आनंद विहार, वजीरपुर और द्वारका जैसे इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 से 500 के बीच दर्ज किया गया। कई इलाकों में हवा में धुंध की मोटी परत छाई रही, जिससे दृश्यता घट गई और लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी।

दिल्ली की हवा में ज़हर घुला
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, आनंद विहार का AQI 453, वजीरपुर 423, द्वारका 417 और अशोक विहार 404 दर्ज किया गया — जो सभी ‘गंभीर’ श्रेणी में आते हैं। दिल्ली के अधिकांश निगरानी केंद्रों ने हवा की गुणवत्ता को ‘बहुत खराब’ बताया है। कई इलाकों में सुबह से ही धुएं और धूल की परत छाई रही, जिससे राजधानी गैस चैंबर में तब्दील होती दिख रही है।

नोएडा और एनसीआर में भी हाल बुरे
दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर है। नोएडा में एक्यूआई 350 के पार पहुंच गया, जबकि गाजियाबाद में यह 370 दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि शांत हवाओं और कम तापमान के कारण प्रदूषक तत्व जमीन के पास जमा हो गए हैं, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।

पहाड़ों की हवा भी नहीं बची
दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि पहाड़ी इलाकों की हवा भी अब प्रदूषण की चपेट में आ गई है। उत्तराखंड के नैनीताल में AQI 164 और देहरादून में 218 दर्ज किया गया है, जो ‘मध्यम से खराब’ श्रेणी में आता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में यहां भी वायु गुणवत्ता और बिगड़ सकती है।

‘हरित पटाखों’ की अनुमति और उसका असर
सुप्रीम कोर्ट ने इस बार कुछ शर्तों के साथ दिल्ली-एनसीआर में हरित पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति दी थी। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि इन पटाखों से पारंपरिक पटाखों की तुलना में कम धुआं निकलता है, लेकिन बड़े पैमाने पर उपयोग के कारण प्रदूषण में भारी बढ़ोतरी हुई है।

कितना खतरनाक है यह स्तर?
शून्य से 50 के बीच AQI ‘अच्छा’, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बहुत खराब’ और 401-500 ‘गंभीर’ माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा स्थिति में बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या हृदय रोगियों को बाहर निकलने से बचना चाहिए।

संभावना है हालात और बिगड़ें
मौसम विभाग और पर्यावरण एजेंसियों का कहना है कि अगले दो दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में रह सकती है। हवा की गति धीमी रहने और तापमान गिरने से प्रदूषक तत्वों के बिखरने की संभावना बहुत कम है।

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