बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 121 सीटों पर वोटिंग आज, देखें पिछली बार कौन सी पार्टी रही मजबूत और कौन हुई कमजोर

बिहार चुनाव के पहले चरण की 121 सीटों में 2020 में आरजेडी 42 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी. बीजेपी ने 32 सीटें जीती थीं जबकि जेडीयू के खाते में 23 सीटें ही आई थीं.

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बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में अब सबकी निगाहें उन 121 सीटों पर टिकी हैं  जहां मतदाता यह तय करेंगे कि इस बार किसका सिक्का चलेगा और कौन होगा पिछड़ता हुआ खिलाड़ी।

चुनाव प्रचार थमने के बाद अब मुकाबला दिलचस्प हो गया है, क्योंकि पिछली बार इन सीटों पर कई दलों की किस्मत एकदम अलग-अलग रही थी

2020 में आरजेडी का दबदबा

पिछले विधानसभा चुनाव यानी 2020 में इन 121 सीटों में आरजेडी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 42 सीटें जीती थीं। बीजेपी ने 32, जेडीयू ने 23, कांग्रेस ने 8 और वाम दलों ने 11 सीटें हासिल की थीं। इन नतीजों से साफ है कि पहले चरण की अधिकांश सीटों पर आरजेडी और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर रही

आरजेडी की बढ़ती पकड़

अगर पिछले तीन चुनावों पर नजर डालें तो आरजेडी का ग्राफ लगातार ऊपर गया है।

  • 2010: सिर्फ 15 सीटें
  • 2015: 46 सीटें
  • 2020: 42 सीटें

तेजस्वी यादव की पार्टी ने इन इलाकों में मजबूत जनाधार बना लिया है और इस बार भी उसकी नजर बढ़त बनाए रखने पर है

बीजेपी का उतार-चढ़ाव

बीजेपी की स्थिति में उतार-चढ़ाव साफ दिखता है।

2010: 46 सीटें

2015: 20 सीटें

2020: 32 सीटें

पिछली बार पार्टी ने फिर से वापसी की थी और इस बार वह इस प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश में है

जेडीयू की घटती ताकत

नीतीश कुमार की जेडीयू का ग्राफ लगातार गिरता गया है।

  • 2010: 59 सीटें
  • 2015: 46 सीटें
  • 2020: सिर्फ 23 सीटें

अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या नीतीश इस बार इस गिरावट को रोक पाएंगे या फिर उनका असर और घटेगा

कांग्रेस की स्थिति स्थिर लेकिन कमजोर

कांग्रेस का प्रदर्शन पिछले दो चुनावों में लगभग समान रहा।

  • 2010: 0 सीट
  • 2015: 8 सीटें
  • 2020: 8 सीटें

हालांकि पार्टी की उपस्थिति बनी हुई है, लेकिन प्रभाव सीमित है

पहले चरण की वोटिंग के साथ ही बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है 🌪️ — अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि 2025 में किस दल के सितारे बुलंद होंगे और किसके मद्धम

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