गाजा के भविष्य पर UN का फैसला: अंतरराष्ट्रीय कमान के तहत ट्रंप की बढ़ी भूमिका

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UNSC ने ट्रंप की गाजा शांति योजना का समर्थन किया, अंतरराष्ट्रीय बल की तैनाती को मंजूरी

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा शांति योजना को आगे बढ़ाने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। प्रस्ताव के पक्ष में 13 वोट पड़े, जबकि रूस और यूक्रेन मतदान के दौरान अनुपस्थित रहे और उन्होंने वीटो का उपयोग नहीं किया।

प्रस्ताव में गाजा में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की तैनाती, क्षेत्र को विसैन्यीकृत करने और भविष्य में संभावित फिलिस्तीनी राज्य के लिए एक ढांचा तैयार करने का प्रावधान है।

ट्रंप का दावा—“UN इतिहास के सबसे बड़े अप्रूवल में से एक”

ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर इस फैसले को “ऐतिहासिक” बताया और कहा कि उनकी अध्यक्षता में बनने वाला ‘शांति बोर्ड’ वैश्विक नेताओं की भागीदारी से काम करेगा।
अमेरिकी UN राजदूत माइक वाल्ट्ज ने भी कहा कि यह फैसला गाजा में स्थिरता और इजरायल की सुरक्षा के लिए “महत्वपूर्ण कदम” है।

गाजा में इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स

प्रस्ताव के तहत इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स (ISF) गठित करने का प्रावधान है, जो:

  • सीमा क्षेत्रों को सुरक्षित करेगी
  • गाजा को विसैन्यीकृत करने की प्रक्रिया में सहयोग करेगी
  • गैर-राज्य सशस्त्र समूहों से हथियार हटाने में मदद करेगी
  • नागरिकों और मानवीय गलियारों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी
  • यह बल इजरायल, मिस्र और प्रशिक्षित फिलिस्तीनी पुलिस के साथ समन्वय में काम करेगा।

भविष्य के फिलिस्तीनी राज्य पर अस्पष्ट रोडमैप

प्रस्ताव में 2027 तक चलने वाले एक “शांति बोर्ड” का जिक्र है, जिसे संक्रमणकालीन ढांचे के रूप में देखा जा रहा है।
AP के अनुसार, प्रस्ताव की भाषा एक संभावित भविष्य के फिलिस्तीनी राष्ट्र की ओर संकेत करती है, लेकिन प्रक्रिया, समयसीमा और शर्तों को लेकर स्पष्टता नहीं है।

हमास का विरोध

हमास ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। उसका कहना है कि यह फिलिस्तीनी जनता की राजनीतिक और मानवीय मांगों को पूरा नहीं करता और उनके अधिकारों की पर्याप्त सुरक्षा का आश्वासन नहीं देता।

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