दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के बड़े हिस्से में अब सर्दी ने पूरी तरह दस्तक दे दी है।
सुबह होते ही राजधानी और आसपास के इलाकों में घना कोहरा छा जा रहा है, जिससे दृश्यता बेहद कम हो रही है। बीते कुछ दिनों से सड़क, रेल और हवाई यातायात पर असर पड़ा है और लोग ठिठुरन भरी ठंड से बचने के लिए घरों में सीमित रहने को मजबूर हैं। पहाड़ी इलाकों में जारी बर्फबारी के चलते मैदानी क्षेत्रों में शीतलहर का असर और तेज हो गया है।
अगले कुछ दिन और चुनौतीपूर्ण
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है। 4 से 7 जनवरी के बीच दिल्ली-एनसीआर में शीतलहर चलने की संभावना है, जबकि पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भी कड़ाके की ठंड का दौर बना रह सकता है। रविवार के लिए दिल्ली में घने कोहरे को लेकर ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
रविवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.2 डिग्री अधिक रहा, जबकि अधिकतम तापमान 17.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो औसत से करीब दो डिग्री कम है।
आयानगर में न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि लोधी रोड पर अधिकतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम रही। सफदरजंग में सुबह नौ बजे विजिबिलिटी 800 मीटर दर्ज की गई, जो बाद में सुधरकर 1,200 मीटर तक पहुंच गई।
अगले सात दिन कोहरा और शीतलहर
IMD के मुताबिक, अगले सात दिनों तक उत्तर भारत के कई हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की आशंका है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में कोहरे का असर बना रहेगा। 4 से 8 जनवरी के दौरान पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में शीतलहर की स्थिति रहने की संभावना है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में ‘कोल्ड डे’ की चेतावनी जारी की गई है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में कई स्थानों पर तापमान सामान्य से नीचे चला गया है।
देश के अन्य हिस्सों का हाल
उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। मध्य भारत में अगले चार दिनों के दौरान तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट का अनुमान है। पूर्वी भारत में भी 24 घंटे बाद तापमान में कमी दर्ज की जा सकती है। वहीं, गुजरात में अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है।
IMD की एडवाइजरी
कोहरे और शीतलहर का असर परिवहन सेवाओं पर साफ दिख रहा है। उड़ानों और ट्रेनों में देरी हो रही है और सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड के कारण सर्दी-जुकाम और सांस से जुड़ी बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है। IMD ने लोगों को सतर्क रहने, गर्म कपड़े पहनने और गैर-ज़रूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है।
Comments are closed.