ऑपरेशन सदर्न स्पियर के तहत ट्रंप का बड़ा कदम, इस देश के पास 3 युद्धपोतों के साथ अमेरिकी नौसेना तैनात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के बाद ऑपरेशन सदर्न स्पीयर को और तेज़ कर दिया है। इस अभियान के तहत अब अमेरिकी नौसेना दक्षिण अमेरिका के एक और देश हैती के करीब पहुंच गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के तीन नौसैनिक पोत हैती की समुद्री सीमा के पास तैनात किए गए हैं। हैती दुनिया के सबसे गरीब देशों में शामिल है और लंबे समय से गैंग हिंसा, राजनीतिक अस्थिरता और प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहा है, जिससे देश की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर बनी हुई है।
हैती की सीमा के पास पहुंचे अमेरिकी युद्धपोत
इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी नौसेना का गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर USS स्टॉकडेल, और अमेरिकी तटरक्षक बल के दो जहाज USCGC स्टोन तथा USCGC डिलिजेंस, हैती की राजधानी पोर्ट-औ-प्रिंस की खाड़ी में दाखिल हुए।
हैती में अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर कहा कि यह तैनाती “हैती की सुरक्षा, स्थिरता और बेहतर भविष्य के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता” को दर्शाती है।
USS स्टॉकडेल की सैन्य ताकत
USS स्टॉकडेल एक अर्ले बर्क-क्लास गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर है, जिसे आधुनिक युद्ध तकनीकों से लैस किया गया है। यह युद्धपोत एंटी-एयर, एंटी-सरफेस और एंटी-सबमरीन ऑपरेशनों में सक्षम है।
पिछले साल यह जहाज कैरेबियन क्षेत्र में ड्रग तस्करी विरोधी अभियानों में अमेरिकी बेड़े का हिस्सा रहा था।
कोस्ट गार्ड के जहाजों की भूमिका
USCGC स्टोन और USCGC डिलिजेंस अमेरिकी कोस्ट गार्ड के जहाज हैं, जिनका इस्तेमाल समुद्री सुरक्षा, कानून प्रवर्तन, खोज एवं बचाव अभियानों और अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने के लिए किया जाता है। ये जहाज अक्सर पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिकी नौसेना के साथ मिलकर संयुक्त मिशन चलाते हैं।
हैती में तैनाती का उद्देश्य
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह तैनाती रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के निर्देश पर ऑपरेशन सदर्न स्पीयर के तहत की गई है। यह ऑपरेशन पिछले साल शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय आपराधिक और अवैध समुद्री नेटवर्क की पहचान करना, उन्हें बाधित करना और कमजोर करना है।
अमेरिकी दावों के मुताबिक, इस अभियान के तहत कैरेबियन और पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में ड्रग तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में अब तक 100 से अधिक संदिग्ध मारे जा चुके हैं। हालांकि, हैती में अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं, क्योंकि वेनेजुएला जैसे देशों के विपरीत हैती सैन्य रूप से कमजोर और गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा देश है।
Comments are closed.