केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने गुरुवार को नगालैंड सरकार और ईस्टर्न नगालैंड पीपल्स ऑर्गनाइजेशन (ENPO) के साथ राज्य के भीतर फ्रंटियर नगालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी (FNTA) के गठन के लिए एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए।
यह समझौता नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में साइन हुआ। इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार पूर्वी नगालैंड के विकास के लिए पूरा समर्थन देगी और समझौते के तहत अपनी सभी जिम्मेदारियों को निभाएगी।
अमित शाह का बयान
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पूर्वी नगालैंड के विकास के लिए केंद्र सरकार हरसंभव सहयोग करेगी। उन्होंने बताया कि एक-दो बिंदुओं को छोड़कर लगभग सभी मुद्दों पर सहमति बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि ईएनपीओ, जो राज्य के छह पूर्वी जिलों में रहने वाली आठ जनजातियों का प्रतिनिधित्व करता है, वर्षों से उपेक्षा का आरोप लगाते हुए 2010 से अलग राज्य की मांग कर रहा था। बाद में संगठन ने केंद्र सरकार के उस प्रस्ताव को स्वीकार किया, जिसमें FNTA ढांचे के तहत सीमित स्वायत्तता देने की बात कही गई थी।
समझौते का उद्देश्य
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य पूर्वी नगालैंड के लक्षित विकास और प्रभावी शासन के लिए फ्रंटियर नगालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी का गठन करना है। इसमें किपहिरे, लोंगलेन्ग, मोन, नोकलक, शमाटोर और तुएनसांग जिले शामिल होंगे।
अमित शाह ने बताया कि चुनाव के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो से इस मुद्दे पर बातचीत की थी और रियो ने आश्वासन दिया था कि वे ईएनपीओ की मांगों को गंभीरता से सुनेंगे, उन पर चर्चा करेंगे और समाधान की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
पूर्वोत्तर में 12 बड़े समझौते
गृह मंत्री ने कहा कि इस समझौते को तार्किक अंजाम तक पहुंचाने के लिए वे मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो, नगालैंड सरकार, मंत्रियों और सांसदों का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने बताया कि 2019 से अब तक केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर राज्यों में 12 महत्वपूर्ण समझौते किए हैं, जिससे क्षेत्र में शांति और विकास को बढ़ावा मिला है।
केंद्र का भरोसा
अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार की परंपरा रही है कि वह किए गए समझौतों को लागू करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करती है। उन्होंने ईएनपीओ के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार पूर्वी नगालैंड के विकास के लिए पर्याप्त वित्तीय और प्रशासनिक सहायता प्रदान करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि एफएनटीए के लिए शुरुआती खर्च केंद्रीय गृह मंत्रालय वहन करेगा और नगालैंड सरकार व केंद्र के इरादों को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं होना चाहिए।
नेफ्यू रियो का बयान
नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने इस समझौते को आपसी विश्वास का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता न केवल पूर्वी नगालैंड बल्कि पूरे राज्य की आकांक्षाओं को पूरा करता है और विकास को हर घर तक पहुंचाने की दिशा में एक अहम कदम है।
Comments are closed.