राजस्थान के अजमेर में आयोजित एक जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में भर्ती प्रक्रियाओं, विकास कार्यों और कांग्रेस पार्टी पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और पेपर लीक की घटनाएं आम थीं, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। उनके अनुसार, पेपर लीक पर रोक लगी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि इसी मंच से 21 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए हैं, जिसे उन्होंने “व्यवस्था में बदलाव” का प्रतीक बताया।
अजमेर की विरासत का जिक्र
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने अजमेर को आस्था और वीरता की भूमि बताया। उन्होंने कहा कि यह शहर तीर्थस्थलों के साथ-साथ वीर सपूतों की गाथाओं के लिए भी जाना जाता है। हालिया इजराइल दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वहां आज भी राजस्थान के वीर मेजर दलपत सिंह को सम्मान से याद किया जाता है और उन्हें इजराइली संसद में श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर मिला।
वैश्विक मंच पर भारत की छवि
प्रधानमंत्री ने दिल्ली में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय एआई समिट का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया के कई शीर्ष नेता और बड़ी कंपनियों के प्रमुख उसमें शामिल हुए और भारत की प्रगति की सराहना की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। उनके अनुसार, चुनावी पराजयों से निराश विपक्ष देश को बदनाम करने की राजनीति कर रहा है।
कांग्रेस पर सियासी हमला
पीएम मोदी ने कहा कि कभी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नाम से पहचानी जाने वाली पार्टी अब अपने मूल विचारों से भटक गई है। उन्होंने कांग्रेस की नीतियों और विचारधारा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उसकी राजनीति देशहित के विपरीत दिशा में जा रही है। उन्होंने ऐतिहासिक घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि विभाजनकारी सोच ने देश को पहले भी नुकसान पहुंचाया है और ऐसी प्रवृत्तियों से सावधान रहना जरूरी है।
सभा में प्रधानमंत्री का भाषण रोजगार, सुशासन, राष्ट्रीय गौरव और विपक्ष पर राजनीतिक हमलों पर केंद्रित रहा।
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