LPG संकट गहराया: कालाबाजारी के चलते गैस सिलेंडर गायब, यूरिया उत्पादन बंद

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केंद्र सरकार के बार-बार आश्वासन के बावजूद देश के कई हिस्सों में रसोई गैस की किल्लत को लेकर लोगों की चिंता कम नहीं हो रही है।

अफवाहों, जमाखोरी और कालाबाजारी के चलते कुछ इलाकों में एलपीजी सिलेंडरों की कृत्रिम कमी देखने को मिल रही है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ होटल, उद्योग और अन्य सेवाएं भी प्रभावित होने लगी हैं।

राजधानी में हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि Delhi High Court की कैंटीन में खाना परोसना बंद करना पड़ा है। वहीं Ayodhya में गरीबों को मुफ्त भोजन कराने वाली ‘राम रसोई’ को भी पहले समय से पहले बंद करना पड़ा और बाद में इसे अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया।

गैस की संभावित कमी को देखते हुए Indian Railway Catering and Tourism Corporation (आईआरसीटीसी) ने अपनी कैटरिंग यूनिट्स को माइक्रोवेव और इंडक्शन जैसे वैकल्पिक साधन इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सेवाएं प्रभावित न हों।

उद्योगों पर भी असर

गैस संकट का असर उद्योगों तक पहुंच गया है। Firozabad के कांच उद्योग ने उत्पादन कम करने का फैसला किया है। यहां बोतल और चूड़ी बनाने वाले कई कारखानों में उत्पादन 30 से 40 प्रतिशत तक घटा दिया गया है।

उद्योगपतियों का कहना है कि गैस कोटा कम होने के कारण उन्हें स्पॉट आरएलएनजी गैस का ज्यादा इस्तेमाल करना पड़ेगा। इससे लागत बढ़ सकती है। जहां पहले गैस 35–36 रुपये प्रति घनमीटर मिलती थी, वहीं अब इसकी कीमत 60–70 रुपये प्रति घनमीटर तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

पंजाब में विधानसभा तक पहुंचा मुद्दा

Punjab में गैस संकट का मुद्दा विधानसभा में भी उठा। बजट सत्र के दौरान खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री Lal Chand Kataruchak ने केंद्र सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया, जिस पर चर्चा होनी है। राज्य में व्यावसायिक सिलेंडरों की सप्लाई लगभग ठप बताई जा रही है। वहीं Nangal और Bathinda में National Fertilizers Limited के प्लांट में गैस की कमी के कारण यूरिया उत्पादन रोकना पड़ा है।

कई राज्यों में लंबी कतारें

Bihar में गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ गई है। वहीं Indore और Bhopal में एजेंसियों के बाहर हंगामे की खबरें सामने आईं, जबकि बुकिंग सिस्टम ठप होने से लोग परेशान दिखे।

Uttarakhand के कई जिलों में गैस सिलेंडरों के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। Dehradun में प्रशासन ने कालाबाजारी रोकने के लिए कई जगह छापेमारी कर सिलेंडर जब्त किए।

होटल कारोबार पर सबसे ज्यादा असर

Himachal Pradesh में व्यावसायिक सिलेंडरों की कमी से होटल और रेस्तरां कारोबार प्रभावित हो रहा है। वहीं Chhattisgarh में हालात ज्यादा गंभीर बताए जा रहे हैं, जहां गैस सप्लाई बाधित होने के कारण करीब 70 प्रतिशत होटलों ने अस्थायी रूप से रसोई बंद कर दी है।

Raipur के एक होटल संचालक का कहना है कि नियमित गैस सप्लाई नहीं होने से रसोई चलाना मुश्किल हो गया है। यदि यही स्थिति बनी रही तो शादी-समारोह और अन्य बड़े कार्यक्रम भी प्रभावित हो सकते हैं।

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