चारधाम यात्रा की प्लानिंग कर रहे श्रद्धालु सावधान, एक्टिव हुए साइबर ठग, अपना रहे नए पैंतरे

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चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत 19 अप्रैल से होने जा रही है, लेकिन उससे पहले ही साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। यात्रा की तैयारी में जुटे श्रद्धालुओं को ठगी का शिकार बनाने के लिए खासतौर पर ‘हेली सेवा’ के नाम पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।

ठगी का तरीका

साइबर अपराधी केदारनाथ हेलीकॉप्टर टिकट, होटल बुकिंग और यात्रा पैकेज के नाम पर फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट बनाते हैं। ये प्लेटफॉर्म सरकारी पोर्टल जैसे दिखते हैं और सस्ते ऑफर का लालच देकर श्रद्धालुओं से एडवांस पेमेंट करवा लेते हैं, लेकिन बाद में बुकिंग फर्जी साबित होती है।

पहले भी सामने आ चुके हैं मामले

पिछले वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां हेलीकॉप्टर टिकट और होटल बुकिंग के नाम पर लाखों रुपये की ठगी हुई। पुलिस ने दर्जनों फर्जी वेबसाइट, मोबाइल नंबर और बैंक खातों पर कार्रवाई की थी।

कैसे रहें सुरक्षित

  • केवल अधिकृत वेबसाइट से ही बुकिंग करें
  • किसी अनजान लिंक, कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें
  • सस्ते पैकेज के लालच में न आएं
  • बुकिंग से पहले वेबसाइट की सत्यता जरूर जांचें
  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत 1930 पर दें
  • बढ़ते रजिस्ट्रेशन के बीच खतरा

इस साल यात्रा के लिए लाखों श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। भारी भीड़ और जल्द बुकिंग की चाह का फायदा उठाकर ठग सक्रिय हो रहे हैं।

पुलिस अलर्ट मोड में

साइबर पुलिस और एसटीएफ फर्जी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नजर बनाए हुए हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म के जरिए ही बुकिंग करें।

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