पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में इस बार मतदान बेहद शांतिपूर्ण रहा, और किसी भी बूथ पर पुनर्मतदान की जरूरत नहीं पड़ी। चुनाव आयोग ने इसे सुचारु और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया का संकेत बताया है।
आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल के पहले चरण में 44,376 और तमिलनाडु के 75,064 मतदान केंद्रों पर बिना किसी बड़ी बाधा के वोटिंग पूरी हुई। तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर एक ही चरण में मतदान कराया गया, जबकि पश्चिम बंगाल की 152 सीटों पर पहले चरण में वोट डाले गए।
पश्चिम बंगाल में यह स्थिति खास तौर पर उल्लेखनीय है, क्योंकि दशकों बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब किसी भी बूथ पर दोबारा मतदान की जरूरत नहीं पड़ी। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि सभी मतदान केंद्रों पर प्रक्रिया शांतिपूर्वक पूरी हुई और कहीं भी पुनर्मतदान की आवश्यकता महसूस नहीं की गई।
अब राज्य की शेष 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होना है।
पिछले चुनावों से तुलना करें तो 2021 में कूचबिहार के शीतलकूची और हुगली के जंगीपाड़ा क्षेत्र के एक-एक बूथ पर पुनर्मतदान कराया गया था, जबकि कई राजनीतिक दलों ने सैकड़ों बूथों पर दोबारा वोटिंग की मांग उठाई थी।
वहीं तमिलनाडु में भी इस बार मतदान शांतिपूर्ण रहा। 2021 में चेन्नई के एक बूथ पर पुनर्मतदान हुआ था, लेकिन इस बार ऐसी कोई स्थिति सामने नहीं आई। कुल मिलाकर, दोनों राज्यों में बिना पुनर्मतदान के संपन्न हुआ मतदान बेहतर प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और चुनावी पारदर्शिता को दर्शाता है।
Comments are closed.