ईरान के प्रस्ताव पर ट्रंप नाराज, अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में फिर अड़चन

2

अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में फिर अड़चन, परमाणु मुद्दे पर फंसा पेंच; होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ी अनिश्चितता

अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की प्रस्तावित शांति वार्ता एक बार फिर परमाणु मुद्दे पर अटक गई है। इस बीच ईरान द्वारा पाकिस्तान के माध्यम से भेजे गए नए प्रस्ताव को लेकर अमेरिका में असंतोष बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव पर नाखुशी जताते हुए कहा है कि ईरान “पतन के कगार पर” है।

ईरान का नया प्रस्ताव

ईरान ने अपने नए प्रस्ताव में अमेरिकी नाकेबंदी हटाने, युद्ध समाप्त करने और परमाणु मुद्दे पर अलग से बातचीत करने की बात कही है। हालांकि अमेरिका का कहना है कि वार्ता का मुख्य केंद्र ईरान का परमाणु कार्यक्रम ही होना चाहिए।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने स्पष्ट किया है कि किसी भी समझौते में ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना प्राथमिक शर्त है।

ट्रंप की बैठक और असंतोष

रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार को व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सुरक्षा सलाहकारों के साथ ईरान के प्रस्ताव पर चर्चा की। अधिकारियों के मुताबिक, ट्रंप ने साफ किया कि वह होर्मुज स्ट्रेट को खोलने और युद्ध समाप्त करने से जुड़े प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं, क्योंकि इसमें परमाणु मुद्दे को दरकिनार किया गया है।

होर्मुज स्ट्रेट पर विवाद

ईरान के प्रस्ताव में अमेरिकी नौसेना की कथित नाकेबंदी खत्म करने की मांग की गई है, लेकिन परमाणु कार्यक्रम पर कोई ठोस सहमति नहीं बनी है। यह वही मुद्दा है जिसे अमेरिका लगातार वार्ता की शर्त बनाता रहा है।

एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से यह संदेश जा सकता है कि अमेरिका दबाव में है, इसलिए इसे फिलहाल स्वीकार नहीं किया गया है।

ट्रंप का दावा और ईरान की अपील

राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि ईरान ने खुद स्वीकार किया है कि वह कठिन स्थिति में है और होर्मुज स्ट्रेट को खोलने में मदद चाहता है।

होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है, जिससे दुनिया के लगभग 20% तेल की आपूर्ति होती है। युद्ध की स्थिति के चलते यह मार्ग फरवरी से ही प्रभावित बताया जा रहा है।

अमेरिका का सख्त रुख

विदेश मंत्री रूबियो ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि अमेरिका किसी ऐसे समझौते को स्वीकार नहीं करेगा, जिससे ईरान भविष्य में परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ सके।

रूस पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री

वार्ता में अनिश्चितता के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रूस पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के बावजूद ईरान और रूस के संबंध मजबूत हो रहे हैं और कूटनीतिक सहयोग जारी रहेगा। उनकी यह टिप्पणी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के बाद आई।

Comments are closed.