Kanpur Police की स्पेशल ऑपरेशन टीम ने सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले कथित मास्टरमाइंड महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 12 से अधिक बैंकों में 68 फर्जी खाते खुलवाकर उनके जरिए 3200 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेन-देन किया। उसका नेटवर्क पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, बिहार, दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में फैला हुआ था।
रघुवीर लाल की अगुवाई में हुई इस कार्रवाई को पुलिस ने वित्तीय अपराधों के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है।
पूछताछ में सामने आए कई बड़े खुलासे
प्रारंभिक पूछताछ में मनी लॉन्ड्रिंग, आयकर चोरी और जीएसटी चोरी से जुड़े गंभीर इनपुट मिले हैं।
इस मामले में गैंग के पांच अन्य आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने के लिए 16 अलग-अलग टीमें पांच राज्यों में रवाना की हैं।
जांच एजेंसियों की नजर अब कुछ बैंक अधिकारियों और जीएसटी विभाग के कर्मचारियों पर भी है, जिनकी कथित मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
12वीं फेल, लेकिन 3200 करोड़ का नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक 12वीं फेल महफूज आलम उर्फ पप्पू छुरी ने गरीब और बेरोजगार लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी फर्मों और बैंक खातों का विशाल जाल खड़ा किया।
उसने 16 बैंकों में 100 से ज्यादा खाते खुलवाए थे, जिनका इस्तेमाल हवाला कारोबार, स्लॉटर हाउस से जुड़े लेन-देन और जीएसटी फ्रॉड के पैसों को इधर-उधर करने में किया जाता था।
आरोपी के पास से मंडी सचिव के नाम पर जारी तीन फर्जी APMC सर्टिफिकेट भी बरामद हुए हैं।
ऐसे करता था ठगी
पुलिस के मुताबिक आरोपी पहले गरीब और बेरोजगार लोगों को सरकारी योजनाओं या लोन दिलाने का झांसा देता था।
इसके बाद उनके आधार, पैन और अन्य दस्तावेज लेकर उनके नाम पर फर्जी कंपनियां और बैंक खाते खुलवाता था।
इन्हीं खातों के जरिए करोड़ों रुपये का संदिग्ध ट्रांजेक्शन किया जाता था।
नेटवर्क ऑपरेट करने के बदले आरोपी को 3 से 5 प्रतिशत तक कमीशन मिलता था।
ऐसे हुआ खुलासा
इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश फरवरी में श्याम नगर में हुई 24 लाख रुपये की संदिग्ध लूट की जांच के दौरान हुआ।
पुलिस ने जब पैसों के ट्रेल को खंगालना शुरू किया तो हवाला और फर्जी ट्रांजेक्शन का विशाल नेटवर्क सामने आया।
मामले में आरोपी के साले महताब आलम और बेटे मासूम समेत पांच लोगों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
वहीं ताहिर बक्स, रुस्तम, अलामा और जीएसटी अधिवक्ता फिरोज खान सहित कई अन्य लोग जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।
टेरर फंडिंग एंगल से भी जांच
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के मुताबिक मामले की जांच में Enforcement Directorate, Income Tax Department और Reserve Bank of India समेत कई एजेंसियां शामिल हैं।
अब पुलिस इस मामले की जांच टेरर फंडिंग एंगल से भी कर रही है।
गैंग के बाकी सदस्यों की तलाश में टीमें मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और अन्य राज्यों में दबिश दे रही हैं।
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