पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या की जांच में अब डिजिटल सबूत सबसे अहम कड़ी बन गए हैं।
पुलिस मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी के मोबाइल फोन से मिली सीक्रेट चैट्स को डिकोड करने में जुटी है। जांच में सामने आया है कि दोनों ने बातचीत के दौरान कोडवर्ड्स, निकनेम और इमोजी का इस्तेमाल किया, जिससे आशंका है कि हत्या की साजिश को सांकेतिक भाषा में अंजाम देने की योजना बनाई गई थी।
सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट मिल चुकी है। सहायक लोक अभियोजक राजश्री विरकुड के अनुसार, चैट्स में इस्तेमाल किए गए संकेतों और इमोजी का वास्तविक मतलब केवल सिया और चेतन ही बता सकते हैं। इसी वजह से पुलिस ने दोनों की हिरासत बढ़ाने की मांग की थी, ताकि उन्हें आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा सके और चैट्स का संदर्भ समझा जा सके।
हालांकि, अदालत ने पुलिस की रिमांड बढ़ाने की मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को 16 जुलाई तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
क्या है मामला?
पुलिस के मुताबिक, 18 जून को केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ पुणे के लोहगढ़ किले पर गए थे। जांच में आरोप है कि सिया और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने पहले से साजिश रची और मौके पर केतन को किले से नीचे धक्का देकर उसकी हत्या कर दी। केतन और सिया की सगाई हो चुकी थी और दोनों की शादी नवंबर में तय थी।
जांच के दौरान पुलिस ने उस स्थान का निरीक्षण किया, जहां सिया द्वारा कथित तौर पर केतन का पासपोर्ट फेंके जाने की बात सामने आई थी। इसके अलावा, हत्या की कथित रिहर्सल किए जाने वाले स्थान का भी पंचनामा किया गया। सिया का दूसरा मोबाइल फोन बरामद कर उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि घटनास्थल के आसपास मौजूद कई गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, आरोपियों के बीच हुए आर्थिक लेन-देन और केतन द्वारा सिया को दिए गए पैसों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इन पहलुओं से जुड़े तथ्यों का खुलासा किया जाएगा।
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