हथनीकुंड बैराज हादसा: 14 घंटे बाद भी 2 कमांडो लापता, सेना-NDRF ने संभाला मोर्चा

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हथनीकुंड बैराज में मोटर बोट पलटने के बाद लापता हुए दो कमांडो का 14 घंटे बाद भी पता नहीं चला है।

मंगलवार शाम ट्रेनिंग के दौरान हुए हादसे के बाद सेना, NDRF, SDRF और यूपी PAC की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। रातभर दो हेलिकॉप्टरों से भी पश्चिमी यमुना नहर और बैराज क्षेत्र की निगरानी की गई।

डेंजर जोन में पलटी मोटर बोट

हादसा मंगलवार शाम पैराट्रूप यूनिट की ट्रेनिंग के दौरान हुआ। बताया जा रहा है कि कमांडो की मोटर बोट हथनीकुंड बैराज के डेंजर जोन में अचानक पलट गई। बोट में सवार पांच कमांडो में से तीन सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि दो पानी में लापता हो गए।

घटना के तुरंत बाद दूसरी मोटर बोट में मौजूद जवान भी मौके पर पहुंचे और लापता कमांडो की तलाश शुरू कर दी गई।

पूरी रात चला रेस्क्यू ऑपरेशन

लापता कमांडो की तलाश में सेना के साथ NDRF, SDRF और उत्तर प्रदेश से पहुंची PAC की टीमें लगाई गई हैं। रात करीब दो बजे तक बैराज और पश्चिमी यमुना नहर के आसपास सर्च ऑपरेशन चलता रहा। अंधेरा और तेज बहाव चुनौती बनने के बावजूद बचाव दलों ने तलाश जारी रखी।

सुबह होते ही अभियान को और तेज कर दिया गया। हेलिकॉप्टरों से नहर के ऊपर निगरानी की जा रही है, जबकि टीमें बैराज के गेट और किनारों पर पानी में खोजबीन कर रही हैं।

तेज बहाव में बहने की आशंका

बैराज के गेट के आसपास पानी का खिंचाव काफी तेज रहता है। ऐसे में बचाव दल इस संभावना को ध्यान में रखकर नहर के आगे के हिस्सों में भी तलाश कर रहे हैं कि दोनों कमांडो पानी के बहाव के साथ दूर तक चले गए हों।

महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर के बताए जा रहे कमांडो

लापता कमांडो में एक महाराष्ट्र और दूसरा जम्मू-कश्मीर का बताया जा रहा है। छछरौली के एसडीएम जसपाल गिल ने मंगलवार को दोनों के लापता होने की पुष्टि की थी। हालांकि, सेना की ओर से अभी तक इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

फिलहाल 14 घंटे से जारी सर्च ऑपरेशन में बचाव एजेंसियों की कई टीमें जुटी हैं, लेकिन दोनों लापता कमांडो का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।

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