ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका को लेकर कहा है कि अगर वाशिंगटन जून में हुए अंतरिम समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करता है, तो तेहरान भी अपने वादे पर कायम रहेगा।
उनका यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब एक दिन पहले अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे के ठिकानों पर हमले किए थे। इन हमलों से करीब एक महीने से बनी पश्चिम एशिया की शांति फिर भंग हो गई।
पेजेश्कियान बोले- अमेरिका वादा निभाए तो ईरान भी पीछे नहीं हटेगा
रॉयटर्स के मुताबिक, पेजेश्कियान ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की ओर लौटता है, तो ईरान भी तुरंत ऐसा ही करेगा।
पेजेश्कियान का इशारा जून में तेहरान और वाशिंगटन के बीच हुए अंतरिम समझौते की ओर था। दोनों देशों के बीच युद्ध खत्म करने की कोशिशों के तहत यह समझौता हुआ था। इससे पहले 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले के बाद दोनों पक्षों के बीच संघर्ष शुरू हुआ था।
फिर आमने-सामने आए अमेरिका और ईरान
जून का अंतरिम समझौता ज्यादा समय तक नहीं चल सका और दोनों देशों के बीच तनाव दोबारा बढ़ गया। सोमवार को अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाया, जिसके बाद क्षेत्र में संघर्ष फिर तेज होने की आशंका बढ़ गई है।
इस बीच अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की दिशा में इसी सप्ताह उसके बैंकों के खिलाफ नए प्रतिबंधों की घोषणा कर सकता है।
ट्रंप का दावा- ईरान में स्पष्ट नेतृत्व नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान की मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी की। व्हाइट हाउस में उन्होंने दावा किया कि अमेरिका की नई सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान में कोई स्पष्ट नेतृत्व नजर नहीं आ रहा है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की सैन्य क्षमता पहले की तुलना में काफी कमजोर हो गई है। ऐसे में पेजेश्कियान का बयान दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के बीच बातचीत और समझौते की संभावनाओं को लेकर अहम माना जा रहा है।
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