फ्रांस के कई शहरों में शुरू हुआ छात्रों का उग्र प्रदर्शन अब तेजी से हिंसक और बेकाबू होता जा रहा है।
आगजनी, तोड़फोड़ और पुलिस के साथ झड़पों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पेरिस के पुलिस प्रमुख ने शनिवार को माना कि आंदोलन अब प्रदर्शनकारियों के नियंत्रण में नहीं रहा है।
पेरिस के पुलिस प्रमुख पैट्रिस फार ने प्रदर्शनकारियों से हिंसा छोड़कर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अराजकता और हिंसा जारी रही तो प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
शुक्रवार को भी फ्रांस के कई हिस्सों में पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच टकराव हुआ। कई जगह प्रदर्शनकारियों ने आगजनी और तोड़फोड़ की। अब छात्र संगठनों ने शिक्षकों से भी हड़ताल में शामिल होने का आह्वान किया है, जिससे आंदोलन के और व्यापक होने की आशंका बढ़ गई है।
सोमवार से अब तक हिंसा और आगजनी के मामलों में 5,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें बड़ी संख्या किशोरों की बताई जा रही है। प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।
राष्ट्रीय पुलिस की प्रवक्ता अगाथ फोकाल्ट ने बताया कि हिंसक झड़पों में 600 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, शिक्षकों और आम लोगों को भी निशाना बनाया गया है तथा बड़े पैमाने पर संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।
मंगलवार से नए प्रदर्शनों की तैयारी के बीच पैट्रिस फार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खुले पत्र के जरिए छात्रों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का रास्ता अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिस समूह ने आंदोलन शुरू किया था, अब उसके हाथ में इसकी कमान नहीं रही है।
छात्रों का विरोध मुख्य रूप से स्कूलों में बढ़ती भीड़, नियमित शिक्षकों की कमी और जर्जर भवनों जैसी समस्याओं को लेकर है। आंदोलन के लगातार हिंसक होने से फ्रांस में कानून-व्यवस्था को लेकर नई चुनौती खड़ी हो गई है।
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