बिहार के गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर और मांझा प्रखंड के करीब 10 मजदूरों को रोजगार दिलाने के बहाने मध्य प्रदेश ले जाकर कथित तौर पर बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है।
मजदूरों ने मांझागढ़ थाना क्षेत्र के धामापाकड़ गांव के रहने वाले एक ठेकेदार पर उन्हें जबरन काम कराने और घर वापस नहीं जाने देने का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि सभी मजदूर फिलहाल मध्य प्रदेश के रतलाम में हैं। उन्होंने वीडियो जारी कर अपनी परेशानी बताई और गोपालगंज जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर सुरक्षित घर वापसी कराने की अपील की है।
घर लौटने की कोशिश, लेकिन नहीं मिली अनुमति
मजदूरों के मुताबिक, ठेकेदार उन्हें काम दिलाने के लिए मध्य प्रदेश लेकर गया था। वहां पहुंचने के बाद उनसे कथित तौर पर उनकी इच्छा के खिलाफ काम कराया जाने लगा। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने घर लौटने की इच्छा जताई, लेकिन उन्हें वापस जाने नहीं दिया गया।
वीडियो सामने आने के बाद मजदूरों के परिवारों में भी चिंता बढ़ गई है। परिजनों ने प्रशासन से पूरे मामले में जल्द कार्रवाई करने और सभी कामगारों को सुरक्षित वापस लाने की मांग की है।
प्रशासन ने शुरू की मजदूरों की तलाश
मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने कामगारों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों की ओर से मध्य प्रदेश में मौजूद मजदूरों की स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है और उनसे संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर ठेकेदार की भूमिका और मजदूरों की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों की पुष्टि के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्राथमिकता सभी मजदूरों को सुरक्षित तरीके से उनके घर वापस लाना है।
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