नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा के बाद ICC पर ट्रंप सरकार का शिकंजा, मार्को रुबियो ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने प्रतिबंधों का ऐलान किया है। यह घोषणा नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा के कुछ ही समय बाद हुई। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने न्यायालय पर अमेरिका विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वाशिंगटन उसके वित्तीय संसाधनों और कामकाज की क्षमता को सीमित करने के लिए कदम उठाएगा।
अमेरिकी कार्रवाई से ICC के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, न्यायालय ने साफ किया है कि वह प्रतिबंधों के दबाव में अपना काम बंद नहीं करेगा और जांच तथा अभियोजन की प्रक्रिया जारी रखेगा। अमेरिका का आरोप है कि ICC अमेरिकी और इजरायली नागरिकों के खिलाफ युद्ध अपराधों के मामलों में भेदभावपूर्ण रवैया अपनाता है।
गौरतलब है कि ICC ने कथित युद्ध अपराधों के मामलों में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं।
रुबियो का ICC पर हमला, संसाधन सीमित करने की तैयारी
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने प्रतिबंधों की घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिका ICC के वित्तीय लेन-देन को रोकने और उसके संसाधनों को सीमित करने के लिए कार्रवाई करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायालय अमेरिकी हितों के खिलाफ काम कर रहा है।
एक वीडियो संदेश में रुबियो ने कहा कि अमेरिका और उसके नागरिक ICC के अधिकार क्षेत्र को स्वीकार नहीं करते। उन्होंने न्यायालय की आलोचना करते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन उसकी अमेरिकी हितों के खिलाफ कार्रवाई करने की क्षमता को खत्म करना चाहता है।
घोषित प्रतिबंधों के तहत ICC की संपत्तियों और संसाधनों को निशाना बनाया जाएगा। साथ ही, अमेरिकी कंपनियों को न्यायालय के साथ कारोबार और सहयोग समाप्त करने के लिए छह महीने का समय दिए जाने की बात कही गई है।
रुबियो ने यह भी दावा किया कि ICC के खिलाफ कार्रवाई के मुद्दे पर रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं के बीच व्यापक सहमति है। उनके मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने न्यायालय से जुड़े खतरे को रोकने के लिए यह कदम उठाया है।
ICC का पलटवार, कहा- जांच और अभियोजन जारी रहेगा
अमेरिकी प्रतिबंधों पर ICC की डिप्टी प्रॉसिक्यूटर नजहत शमीम खान ने आपत्ति जताई। उन्होंने इस फैसले को निंदनीय बताते हुए कहा कि इससे न्यायालय का कामकाज नहीं रुकेगा।
ICC ने स्पष्ट किया कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों का निर्वहन करता रहेगा। न्यायालय के मुताबिक, बाहरी दबाव के बावजूद जांच और अभियोजन की प्रक्रिया जारी रहेगी। इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय न्याय व्यवस्था की स्वतंत्रता और न्यायालयों पर प्रतिबंध लगाने के अधिकार को लेकर बहस तेज कर दी है।
नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर ट्रंप की दावेदारी चर्चा में
अमेरिका की ओर से ICC पर प्रतिबंधों की घोषणा ऐसे समय हुई, जब नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर अंतरराष्ट्रीय चर्चा जारी थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पिछले दो वर्षों में कई बार पुरस्कार के लिए अपनी दावेदारी जता चुके थे। उन्होंने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को समाप्त कराने में अपनी भूमिका का हवाला देते हुए खुद को पुरस्कार का हकदार बताया था।
हालांकि, नोबेल पुरस्कार का निर्णय स्वतंत्र नोबेल कमेटी करती है। पुरस्कार की घोषणा और अमेरिकी प्रतिबंधों के समय के बीच समानता के बावजूद, ट्रंप प्रशासन ने ICC के खिलाफ कार्रवाई की वजह न्यायालय की कथित अमेरिका विरोधी गतिविधियों को बताया।
शहबाज शरीफ ने भी ट्रंप के नाम की सिफारिश की
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी नोबेल शांति पुरस्कार के लिए डोनाल्ड ट्रंप के नाम की आधिकारिक सिफारिश की थी। उनके इस कदम को लेकर पाकिस्तान में चर्चा हुई।
ट्रंप की पुरस्कार पाने की दावेदारी, पाकिस्तान की ओर से उनके नाम का समर्थन और ICC पर अमेरिकी प्रतिबंधों की घोषणा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। वहीं, ICC ने संकेत दिया है कि वह इन प्रतिबंधों के बावजूद अपने कानूनी दायित्वों से पीछे नहीं हटेगा।
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