चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ का आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल, 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहीं हवाएं; हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए
चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ ने बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र में दस्तक दे दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, तूफान यानम के दक्षिण में बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट को पार कर रहा है। लैंडफॉल की प्रक्रिया लगभग तीन घंटे तक चलने का अनुमान है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही है, जबकि तेज झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल रहे हैं।
आंध्र प्रदेश में भारी बारिश, कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित
तूफान के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के उत्तरी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। विशाखापत्तनम समेत कई इलाकों में जलभराव, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें सामने आई हैं। एहतियात के तौर पर स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जबकि कई ट्रेनों और उड़ानों को रद्द किया गया है। इंडिगो और एयर इंडिया ने विजयवाड़ा तथा विशाखापत्तनम आने-जाने वाली उड़ानों पर असर पड़ने की चेतावनी जारी की है।
84 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि चक्रवात से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। राज्य में 84,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा, 2,199 चक्रवात आश्रय स्थलों की पहचान की गई है और 2,360 गर्भवती महिलाओं को चिकित्सा सुविधाओं में स्थानांतरित किया गया है।
राहत एवं बचाव कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की 12 और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की 10 टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में न जाने और तटीय क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
ओडिशा समेत चार राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
आईएमडी ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ओडिशा के 16 जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और संवेदनशील इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, तूफान के तट पार करने के बाद भी कुछ समय तक तेज हवाओं और भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और मौसम विभाग तथा स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।
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