अमेरिका के उत्तर-पूर्वी हिस्से में भीषण बर्फीले तूफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
मैरीलैंड से लेकर मेन तक भारी बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई राज्यों में स्कूल, सरकारी दफ्तर और निजी प्रतिष्ठान बंद रखने पड़े, जबकि लाखों लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई।
रिकॉर्डतोड़ बर्फबारी, इमरजेंसी लागू
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पिछले एक दशक के सबसे ताकतवर शीतकालीन तूफानों में से एक है। कई महानगरीय इलाकों में 2 फीट (करीब 60 सेंटीमीटर) से ज्यादा बर्फ जमी। कुछ स्थानों पर पुराने रिकॉर्ड टूट गए। हालात को देखते हुए कई शहरों में आपातकाल घोषित किया गया, जिनमें New York City भी शामिल है। यहां वर्षों बाद इतनी भारी बर्फबारी देखी गई और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि United Nations Security Council की एक निर्धारित बैठक भी टालनी पड़ी।
हजारों उड़ानें रद्द
फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म FlightAware के मुताबिक, सोमवार को अमेरिका आने-जाने वाली 5,600 से अधिक उड़ानें रद्द की गईं, जबकि मंगलवार को भी लगभग 2,000 फ्लाइट्स कैंसिल रहीं। न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी और बोस्टन के एयरपोर्ट सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। करीब 2,500 उड़ानों में देरी दर्ज की गई।
T. F. Green International Airport ने अस्थायी रूप से अपने सभी ऑपरेशन बंद कर दिए। यहां 32.8 इंच (83.3 सेंटीमीटर) बर्फबारी दर्ज हुई, जिसने 1978 का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
क्या है ‘बॉम्ब साइक्लोन’?
मौसम विभाग ने इस तूफान को “बॉम्ब साइक्लोन” की श्रेणी में रखा है। यह तब बनता है जब 24 घंटे के भीतर किसी तूफान का वायुदाब तेजी से गिरता है, जिससे वह अत्यधिक तीव्र हो जाता है। आमतौर पर यह स्थिति तब बनती है जब आर्कटिक की ठंडी हवा अपेक्षाकृत गर्म और नम हवा से टकराती है।
फिलहाल मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सप्ताह के अंत तक एक और सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिससे अतिरिक्त बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है।
Comments are closed.