दिल्ली में अफगानिस्तान के विदेश मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई, जिससे मीडिया और मानवाधिकार संगठनों में नाराजगी फैल गई है। अफगान प्रतिनिधिमंडल के इस निर्णय को लैंगिक भेदभाव के रूप में देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थल पर सभी महिला पत्रकारों को प्रवेश से रोका गया और केवल पुरुष पत्रकारों को ही सवाल पूछने की अनुमति दी गई। इस घटना ने महिला पत्रकारों के पेशेवर अधिकारों और सूचना तक समान पहुंच को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस घटना पर कई पत्रकार संघों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने प्रतिक्रिया दी है और अफगान प्रतिनिधिमंडल से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के कदम न केवल मीडिया की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय हैं, बल्कि लैंगिक समानता और पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ भी हैं।
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