कांवड़ मेला खत्म, अब हरिद्वार में गंदगी से जंग: नगर निगम ने संभाली कमान
कांवड़ मेला 2025 भले ही सकुशल संपन्न हो गया हो, लेकिन हरिद्वार नगर निगम के सामने असली परीक्षा अब शुरू हुई है। करीब 4.5 करोड़ श्रद्धालुओं की आमद के बाद शहर में हजारों मीट्रिक टन कचरा जमा हो गया है। गंगा घाटों से लेकर नेशनल हाईवे तक हर जगह कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं। अब नगर निगम और जिला प्रशासन सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चला रहा है।
10 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा कूड़ा जमा
हरिद्वार नगर निगम के मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार के अनुसार, अब तक शहर में लगभग 10 हजार मीट्रिक टन कूड़ा एकत्र होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर निगम के नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ एक हजार से ज्यादा अतिरिक्त सफाईकर्मी तैनात किए गए हैं।
चुनौतीपूर्ण रहा मेले के दौरान कूड़ा प्रबंधन
हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में बताया कि मेला अवधि में रोज लाखों कांवड़िए हरिद्वार पहुंच रहे थे, जिससे कई स्थानों पर सफाई वाहनों की आवाजाही संभव नहीं थी। यही वजह रही कि कुछ इलाकों में नियमित सफाई नहीं हो सकी। हालांकि जहां संभव था, वहां सफाईकर्मियों ने लगातार काम जारी रखा।
गंगा घाटों और हाईवे पर सफाई अभियान तेज
अब जबकि मेले का समापन हो चुका है, नगर निगम ने घाटों और मुख्य मार्गों पर सफाई अभियान को तेज कर दिया है। गंगा की पवित्रता बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान हरकी पैड़ी और आस-पास के घाटों पर दिया जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि अगले कुछ दिनों में पूरा शहर सामान्य स्थिति में लौट आएगा, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मेज़बानी के बाद सफाई एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती बनकर उभरी है।
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