हमास ने मानी ट्रंप की शर्तें, सभी इजरायली बंधकों की रिहाई पर सहमति; गाजा प्रशासन छोड़ने का भी ऐलान
करीब दो साल से गाजा में चल रहे संघर्ष के बीच अब शांति की उम्मीद जग गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी और मध्यस्थता के बाद हमास ने उनके “गाजा पीस प्लान” पर सहमति जताई है। इस समझौते के तहत हमास ने गाजा में बंद सभी इजरायली बंधकों को रिहा करने और प्रशासन से पीछे हटने की घोषणा की है।
ट्रंप के गाजा प्लान के अहम बिंदु
72 घंटे के भीतर हमास को सभी बंधकों (जीवित और मृत) को रिहा करना होगा।
इसके बदले इजरायल को भी सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ना होगा।
संघर्षविराम लागू होते ही इजरायली सेना को गाजा से चरणबद्ध तरीके से हटना होगा।
गाजा से इजरायल पर रॉकेट और अन्य हमले बंद करने होंगे।
सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए बहुराष्ट्रीय बल तैनात किया जाएगा, जिसमें अमेरिका, अरब और नाटो देशों की भागीदारी होगी।
अंतरराष्ट्रीय निगरानी में हमास और अन्य संगठनों को निहत्था किया जाएगा।
हथियार छोड़ने वालों को माफी मिलेगी, जबकि गाजा छोड़ना चाहने वालों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा।
गाजा प्रशासन से पीछे हटने को तैयार हमास
हमास ने कहा है कि गाजा प्रशासन अब एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी टेक्नोक्रेट निकाय को सौंप दिया जाएगा। अब तक गाजा की सत्ता पूरी तरह से हमास के हाथों में थी।
ट्रंप का अल्टीमेटम बना निर्णायक मोड़
अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि अगर हमास रविवार शाम तक शांति समझौते पर सहमत नहीं हुआ तो गाजा में “भयंकर कार्रवाई” की जाएगी। इसी के बाद हमास ने शर्तें मानने का फैसला लिया।
हमास ने जताया आभार
हमास ने सार्वजनिक रूप से ट्रंप को धन्यवाद दिया और कहा कि उनकी कोशिशों के कारण वर्षों से अटके समझौते की राह खुली है। अब दुनियाभर की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस कदम से इजरायल-गाजा संघर्ष का स्थायी समाधान हो पाएगा।
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