दिल्ली में सोमवार को घने स्मॉग ने सांस लेना मुश्किल कर दिया। हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ती रही, लेकिन दोपहर के बाद से रात तक वायु गुणवत्ता का आधिकारिक डेटा उपलब्ध नहीं था।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के समीर ऐप और वेबसाइट ने करीब 10 घंटे तक AQI अपडेट नहीं किया, जिससे प्रदूषण की वास्तविक स्थिति को लेकर लोगों में भ्रम बना रहा। रात 10 बजे के बाद समीर ऐप फिर से चालू हुआ, जिसमें दिल्ली का AQI 391 दर्ज किया गया, जो 11 बजे बढ़कर 394 हो गया। इसके बाद जारी सीपीसीबी बुलेटिन में सोमवार का औसत AQI 362 बताया गया — जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है। अधिकारियों ने डेटा रुकने की वजह नहीं बताई।
दिल्ली में सुबह से ही हवा जहरीली बनी रही। पालम और सफदरजंग इलाकों में दृश्यता घटकर 1000 मीटर तक पहुंच गई। सुबह की 345 रीडिंग के बाद दिनभर कोई अपडेट नहीं मिला। इससे पहले दीवाली की रात को भी ऐसा ही तकनीकी व्यवधान सामने आया था। रविवार को औसत AQI 370 था, जबकि सुबह यह 391 तक पहुंच गया था।
आईआईटीएम पुणे के डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) के अनुसार, सोमवार को दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलाने का कोई योगदान नहीं था, जबकि परिवहन क्षेत्र का योगदान 21.4% रहा। स्विस प्लेटफ़ॉर्म IQAir के मुताबिक, सोमवार सुबह साढ़े नौ बजे दिल्ली का AQI 469 यानी ‘खतरनाक’ स्तर पर था। शाम चार बजे यह घटकर 316 (बहुत खराब) दर्ज हुआ, लेकिन रात 11 बजे फिर से बढ़कर 631 तक पहुंच गया — जो इस सीजन का सबसे खराब स्तर माना जा रहा है।
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