जम्मू-कश्मीर में बाबा साहेब आंबेडकर की मूर्ति तोड़ी गई, आक्रोशित लोगों ने किया प्रदर्शन; दोषियों की गिरफ्तारी की मांग
जम्मू-कश्मीर के बनी में आंबेडकर प्रतिमा से तोड़फोड़ पर आक्रोश, आरक्षित वर्ग का प्रदर्शन—एक सप्ताह में दोषियों की गिरफ्तारी की मांग
बनी में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा से हुई तोड़फोड़ के खिलाफ बुधवार को आरक्षित वर्ग के लोगों ने आंबेडकर चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। ज्वाइंट एक्शन कमेटी रिजर्व्ड कैटेगरी के बैनर तले एकजुट होकर प्रदर्शनकारियों ने सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की कि आरोपितों को एक सप्ताह के भीतर गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में लगातार इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, जिससे आरक्षित वर्ग के लोग असंतोष और आक्रोश में हैं। मौके पर अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ी जाति के लोगों ने नारेबाजी करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।
दलित चेतना मंच के अध्यक्ष शाम बस्सन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अनुसूचित जाति समुदाय के साथ भेदभाव और अत्याचार की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग नहीं चाहते कि दलित वर्ग से जुड़े महापुरुषों का सम्मान और उनके योगदान की जानकारी समाज में फैले। “डॉ. बीआर आंबेडकर ने देश का संविधान लिखा और हाशिए पर पड़े वर्गों के अधिकार सुरक्षित किए। उनकी प्रतिमा से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी,” उन्होंने कहा। बस्सन ने दोषियों को समाज का दुश्मन बताते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई और एससी-एसटी-ओबीसी अत्याचार निवारण कानून को सख्ती से लागू करने की मांग की।
वहीं, जीएल थापा ने कहा कि आरक्षित वर्ग के खिलाफ घटनाओं की बढ़ती संख्या चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि बनी में हुई घटना के आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जानी चाहिए। “अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की, तो ज्वाइंट एक्शन कमेटी पूरे जम्मू-कश्मीर में आंदोलन तेज करेगी,” उन्होंने चेतावनी दी।
Comments are closed.