बांग्लादेश में यूनुस (Muhammad Yunus) की अंतरिम सरकार ने ढाका में विरोध-प्रदर्शन और रैलियाँ पूरी तरह बंद कर दी हैं.
यूनुस सरकार की घोषणा
अंतरिम चीफ सलाहकार यूनुस की प्रेस विज्ञप्तियों में साफ कहा गया है कि अवामी लीग के किसी भी प्रकार के जुलूस, रैली, नारेबाज़ी या धरना स्थगित या रद्द कर दिए जाएंगे, और इस तरह के किसी आयोजन की कोशिश करने वालों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी .
मई में शाहबाग हड़ताल और प्रदर्शन
9–10 मई को शाहबाग में राष्ट्रीय नागरिक पार्टी (NCP) और छात्र-समूहों ने एक बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की, जिसमें उन्होंने अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाने की मांग की और ढाका की सड़कों पर जाम लगाए—जिसके बाद 12 मई को सरकार ने अवामी लीग की गतिविधियों को आतंकवाद विरोधी कानून के तहत पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया.
रैली की अनुमति नहीं
यूनुस की सरकार का रुख है कि अवामी लीग के नेतृत्व “फासीवादी” और “आतंकवाद समर्थक” हैं, इसलिए वे किसी भी रैली को मंज़ूरी नहीं देंगे। प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने स्पष्ट कहा कि कानून टूटने की स्थिति में आयोजकों और भाग लेने वालों के साथ सख़्ती से निपटा जाएगा.
शाहबाग विरोध-प्रदर्शन: छात्र-आंदोलन और NCP के सार्वजनिक प्रदर्शन के बाद शाहबाग में भारी मांग देखने को मिली, जिससे सरकार को सख्ती बरतनी पड़ी.
आदालत का रुख: 12 मई को चुनाव आयोग ने अवामी लीग की पंजीकरण निलंबित कर दी, जिससे वे आगे की चुनावी गतिविधियों में भाग नहीं ले सके.
आधिकारिक बयान: प्रेस सचिव ने रैलियों की अनुमति न देने की नीति क़ानूनी आधार—Anti-Terrorism Act—के तहत सही ठहराई और कहा कि कोई छूट नहीं होगी.
सरकारी प्रतिबंध: वकील कदम — कानूनों के तहत और कार्यकारी आदेशों द्वारा।
आदालत का साथ: चुनाव आयोग द्वारा पार्टी की पंजीकरण रद्द।
जनदबाव: शाहबाग जैसे बड़े प्रदर्शन और NCP के जिंदादिल आंदोलनों से सरकार दबाव में।
राजनीतिक चित्र: यूनुस की सरकार बाधित मतभेद से अधिक सुधार-आधारित मार्ग अपनाने की दिशा में दिखती है।
सरकारी प्रतिबंध: वकील कदम — कानूनों के तहत और कार्यकारी आदेशों द्वारा।
आदालत का साथ: चुनाव आयोग द्वारा पार्टी की पंजीकरण रद्द।
जनदबाव: शाहबाग जैसे बड़े प्रदर्शन और NCP के जिंदादिल आंदोलनों से सरकार दबाव में।
राजनीतिक चित्र: यूनुस की सरकार बाधित मतभेद से अधिक सुधार-आधारित मार्ग अपनाने की दिशा में दिखती है।
इस पूरी स्थिति का संयोजन यही है कि—हाँ, यूनुस सरकार ने ढाका में विरोध-प्रदर्शन और रैलियों पर बैन लगाया है। वो क्या केवल अवामी लीग पर ही केंद्रित है, या कई राजनीतिक गतिविधियों पर लागू है—यह देखना अभी बाकी है।
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