आज भारत बंद: किसान संगठनों और ट्रेड यूनियनों की हड़ताल

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12 फरवरी को भारत बंद: ट्रेड यूनियन और किसान संगठनों का विरोध, क्या रहेगा खुला–क्या प्रभावित?

संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। संगठनों का कहना है कि यह कदम भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते, केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और नए श्रम कानूनों के विरोध में उठाया गया है। INTUC, AITUC, CITU, HMS सहित कई राष्ट्रीय यूनियनों ने बंद को समर्थन दिया है। आयोजकों का दावा है कि बड़ी संख्या में मजदूर और कर्मचारी इसमें शामिल हो सकते हैं।

हड़ताल की प्रमुख मांगें

प्रदर्शन कर रहे संगठनों ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

  • भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का विरोध
  • चार नए श्रम कानूनों (लेबर कोड) को वापस लेने की मांग
  • सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक
  • पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली
  • न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी
  • निर्माण, बिजली और अन्य क्षेत्रों के श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा
  • कृषि नीतियों में बदलाव
  • किन सेवाओं पर असर संभव?

परिवहन:
कई राज्यों में बस, ऑटो और ट्रक यूनियनों के समर्थन से सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। यातायात में व्यवधान की आशंका है।

बैंकिंग:
AIBEA, AIBOA और BEFI जैसी बैंक यूनियनों के समर्थन के चलते सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में काउंटर सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, बैंकों की औपचारिक छुट्टी घोषित नहीं की गई है। डिजिटल बैंकिंग और एटीएम सेवाएं सामान्य रहने की संभावना है।

बाजार और व्यापार:
कुछ थोक और खुदरा बाजारों में आंशिक बंद या कामकाज धीमा रहने की स्थिति बन सकती है।

सरकारी कार्यालय:
कुछ विभागों में कर्मचारियों की अनुपस्थिति से कामकाज प्रभावित हो सकता है।

स्कूल–कॉलेज:
कुछ राज्यों में स्थानीय प्रशासन परिवहन और सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए निर्णय ले सकता है।

क्या रहेगा सामान्य?

  • अस्पताल और आपातकालीन सेवाएं
  • एंबुलेंस और दमकल विभाग
  • हवाई अड्डे और उड़ान सेवाएं
  • ऑनलाइन बैंकिंग और एटीएम

भारतीय रिजर्व बैंक या अन्य बैंकों ने 12 फरवरी को कोई आधिकारिक अवकाश घोषित नहीं किया है। हालांकि, यूनियन की भागीदारी के कारण कुछ सेवाओं में देरी संभव है।

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