बिहार चुनाव 2025: कांग्रेस ने जारी की पहली उम्मीदवार सूची, 48 नामों का ऐलान — युवाओं और पुराने चेहरों का संतुलन।
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने गुरुवार देर रात अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। इस सूची में कुल 48 नाम शामिल हैं। हालांकि महागठबंधन में सीट बंटवारे की औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन कांग्रेस ने अपने हिस्से की कई सीटों पर प्रत्याशियों के नाम तय कर दिए हैं। पार्टी ने इस बार अनुभवी नेताओं के साथ युवाओं पर भी भरोसा जताया है।
पहली सूची में कई दिग्गज और नए चेहरे शामिल
कांग्रेस की पहली सूची में बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम (कुटुंबा), वरिष्ठ नेता शकील अहमद खान (कदवा), अजीत शर्मा (भागलपुर) और बिजेंद्र चौधरी (मुजफ्फरपुर) जैसे दिग्गजों को टिकट दिया गया है। वहीं, पार्टी ने खगड़िया से मौजूदा विधायक का टिकट काटकर डॉ. चंदन यादव को उम्मीदवार बनाया है।
कांग्रेस की पहली लिस्ट के बड़े नाम
- कुटुंबा से राजेश राम
- कदवा से शकील अहमद ख़ान
- मुजफ्फरपुर से विजेंद्र चौधरी
- रोसड़ा से बीके रवि
- भागलपुर से अजीत शर्मा
कांग्रेस की पहली लिस्टः युवाओं पर भरोसा
पटना साहिब से शाशांत शेखर (IIT, IIM)
बथनाहा से नवीन कुमार (उम्र पच्चीस साल)
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 कांग्रेस की पहली लिस्ट
1. बगहा जयेश मंगल सिंह
2. नौतन अमित गिरी
3. चनपटिया अभिषेक रंजन
4. बेतिया वासी अहमद
5. रक्सौल श्याम बिहारी प्रसाद
6. गोविंदगंज शशि भूषण राय @ गप्पू राय
7. रीगा अमित कुमार सिंह टुन्ना
8. बथनाहा (अ.जा.) इंजीनियर नवीन कुमार
9. बेनीपट्टी नलिनी रंजन झा
10. फुलपरास सुभोध मंडल
11. फोर्ब्सगंज मनोज विश्वस
12. बहादुरगंज प्रो. मसवार आलम @ प्रो. मुशब्बिर आलम
13. कदवा शकील अहमद खान
14. मनीहारी (अ.ज.जा.) मनोहर प्रसाद सिंह
15. कोढ़ा (अ.जा.) पूनम पासवान
16. सोनबरसा (अ.जा.) सरिता देवी
17. बेनीपुर मिथिलेश कुमार चौधरी
18. सकरा (अ.जा.) उमेश राम
19. मुज़फ्फरपुर बिजेन्द्र चौधरी
20. गोपालगंज ओम प्रकाश गर्ग
21. कुचायकोट हरिनारायण कुशवाह
22. लालगंज आदित्य कुमार राजा
23. वैशाली इंजीनियर संजीव सिंह
24. राजा पाकर (अ.जा.) श्रीमती प्रतिमा कुमारी
25. रोसड़ा (अ.जा.) ब्रज किशोर रवि
26. बछवाड़ा शिव प्रकाश गरीब दास
27. बेगूसराय श्रीमती अमिता भूषण
28. खगड़िया डॉ. चंदन यादव
29. बेलदौर मिथिलेश कुमार निषाद
30. भागलपुर अजीत कुमार शर्मा
31. सुल्तानगंज लालन यादव
32. अमरपुर जितेन्द्र सिंह
33. लखीसराय अमरेश कुमार (अनीश)
34. बारबिघा त्रिशूलधारी सिंह
35. बिहार शरीफ उमैर खान
36. नालंदा कौशलेंद्र कुमार “छोटे मुखिया”
37. हरनौत अरुण कुमार बिंद
38. कुम्हरार इन्द्रदीप चंद्रवंशी
39. पटना साहिब शशांत शेखर
40. बिक्रम अनिल कुमार सिंह
41. बक्सर संजय कुमार तिवारी
42. राजपुर (अ.जा.) विष्णुनाथ राम
43. चेनारी (अ.जा.) मंगल राम
44. करगहर संतोष मिश्रा
45. कुटुंबा (अ.जा.) राजेश राम
46. औरंगाबाद आनंद शंकर सिंह
47. वजीरगंज अवधेश कुमार सिंह
48. हिसुआ नीतू कुमारी
फ्रेंडली फाइट की संभावना वाली सीटें –
- बछवाड़ा से ग़रीब दास
- बहादुरगंज से मुसविर आलम
- लालगंज से आदित्य राजा
युवाओं को भी मिला मौका
कांग्रेस ने इस बार युवाओं को भी प्रतिनिधित्व दिया है। पटना साहिब से शशांत शेखर (IIT, IIM स्नातक) और बथनाहा (आरक्षित) से 25 वर्षीय इंजीनियर नवीन कुमार को टिकट दिया गया है। पार्टी का कहना है कि यह कदम संगठन में नई ऊर्जा और नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।
वजीरगंज से बदला उम्मीदवार, पिता को मिला टिकट
वजीरगंज सीट पर कांग्रेस ने आखिरी समय में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने 2020 में चुनाव लड़ चुके शशि शेखर सिंह का टिकट काटकर उनके पिता अवधेश कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया है। अवधेश सिंह 2015 में इसी सीट से कांग्रेस के टिकट पर विधायक रह चुके हैं। बताया जा रहा है कि पिछले चुनाव में बेटे की हार के बाद पार्टी ने फिर से पुराने चेहरे पर भरोसा जताया है।
हिसुआ से नीतू कुमारी को मिला दोबारा टिकट
हिसुआ से मौजूदा विधायक नीतू कुमारी (नीतू सिंह) को फिर से उम्मीदवार बनाया गया है। नीतू कुछ समय पहले बीजेपी में जाने की इच्छा जाहिर कर चुकी थीं, लेकिन कांग्रेस ने उन पर भरोसा बनाए रखा। 2020 में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार अनिल सिंह को 17,000 से अधिक वोटों से हराया था।
संभावित ‘फ्रेंडली फाइट’ वाली सीटें
महागठबंधन के भीतर कुछ सीटों पर फ्रेंडली फाइट की संभावना बन रही है। इनमें बछवाड़ा (शिव प्रकाश गरीब दास), बहादुरगंज (प्रो. मसवार आलम) और लालगंज (आदित्य राजा) जैसी सीटें शामिल हैं, जहां से महागठबंधन के अन्य दलों ने भी अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं।
कांग्रेस जल्द ही दूसरी सूची भी जारी कर सकती है, जिसमें बाकी बची सीटों पर प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जाएंगे। पार्टी का लक्ष्य इस चुनाव में संगठन को मजबूत करते हुए युवाओं और पुराने नेताओं के बीच संतुलन बनाना है।
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