BMC नतीजे: भाजपा–शिंदे गठबंधन बहुमत के पार, राज ठाकरे की MNS को बड़ा झटका

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मुंबई की बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के 227 वार्डों के चुनाव परिणाम घोषित हो चुके हैं।

भारतीय जनता पार्टी इन चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के गठबंधन महायुति ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर बीएमसी पर नियंत्रण पा लिया है।

पार्टीवार स्थिति

भाजपा ने 89 वार्ड जीते हैं। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) को 65 सीटें मिलीं, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) ने 29 वार्डों में जीत दर्ज की। कांग्रेस को 24 सीटें मिलीं।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने 8 और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने 6 वार्डों पर कब्जा किया। एनसीपी को 3, समाजवादी पार्टी को 2 और एनसीपी (एसपी) को 1 सीट मिली।

महायुति का बहुमत

भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) ने मिलकर कुल 118 वार्ड जीते हैं, जो बहुमत के आंकड़े 114 से अधिक हैं। इसके साथ ही महायुति को देश की सबसे अमीर नगरपालिका बीएमसी पर पूर्ण नियंत्रण मिल गया है। इसे 1997 से 2022 तक चले आए ठाकरे परिवार के प्रभुत्व के अंत के रूप में देखा जा रहा है।

विपक्ष की तस्वीर

शिवसेना (यूबीटी) विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। कांग्रेस ने सीमित लेकिन स्थिर उपस्थिति दर्ज कराई। राज ठाकरे की एमएनएस का प्रदर्शन कमजोर रहा और वह एआईएमआईएम से भी पीछे रह गई।

फडणवीस और शिंदे की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और विकास की नीतियों पर जनता की मुहर बताया।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि मुंबई की जनता ने 25 वर्षों से सत्ता में रहे लोगों के खिलाफ मतदान किया है और विकास के एजेंडे को चुना है। उन्होंने ठाकरे भाइयों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भावनात्मक मुद्दों के बजाय विकास को तरजीह दी गई।

बीएमसी का महत्व

ये चुनाव 2022 में शिवसेना विभाजन के बाद पहली बार हुए और राजनीतिक रूप से बेहद अहम माने जा रहे हैं। बीएमसी का वार्षिक बजट 74,000 करोड़ रुपये से अधिक है। अब सभी की नजरें नए मेयर और स्थायी समिति के गठन पर टिकी हैं, जहां महायुति का दबदबा तय माना जा रहा है।

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