संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है। पहले चरण की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संयुक्त अभिभाषण से होगी, जबकि 1 फरवरी को वित्त मंत्री आम बजट पेश करेंगी। बजट सत्र दो चरणों में चलेगा—पहला चरण 13 फरवरी तक, और दूसरा 9 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित होगा।
सत्र से पहले ही सरकार और विपक्ष के बीच तनाव के संकेत साफ नजर आने लगे हैं। सोमवार को हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष की प्रमुख मांगों को सरकार ने खारिज कर दिया, जिससे टकराव की स्थिति बन गई।
सर्वदलीय बैठक में टकराव
सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि विपक्ष जिन मुद्दों पर चर्चा चाहता है, वे पहले ही निपटाए जा चुके हैं।
विपक्ष ने विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-जीरामजी कानून और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) पर चर्चा की मांग की थी। सरकार ने साफ किया कि VB-जीरामजी विधेयक पिछले शीतकालीन सत्र में संसद से पारित हो चुका है और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बन चुका है, इसलिए इस पर दोबारा बहस संभव नहीं है।
यह कानून मनरेगा की जगह लागू किया गया है, जिसके तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 की बजाय 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। सरकार का कहना है कि संसद से पारित कानून पर “गियर रिवर्स” नहीं किया जा सकता।
SIR पर भी नहीं बनी सहमति
SIR प्रक्रिया, जो 2025 में शुरू हुई मतदाता सूची के विशेष संशोधन से जुड़ी है, को लेकर भी विपक्ष और सरकार आमने-सामने हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि इससे कुछ राज्यों में अल्पसंख्यकों और प्रवासी मतदाताओं पर असर पड़ सकता है। सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव सुधारों पर पहले ही पर्याप्त चर्चा हो चुकी है।
एजेंडा को लेकर विपक्ष नाराज़
कांग्रेस नेता जयराम रमेश, तृणमूल कांग्रेस की सागरिका घोष और माकपा के जॉन ब्रिटास सहित विपक्षी नेताओं ने सरकार पर विधायी एजेंडा पहले से साझा न करने का आरोप लगाया। जवाब में किरेन रिजिजू ने कहा कि राष्ट्रपति अभिभाषण के बाद एजेंडा जारी किया जाएगा और सरकार की प्राथमिकता संसद का सुचारू संचालन है।
रविवार को पेश होगा बजट
इस बजट सत्र की एक अहम बात यह है कि आम बजट 1 फरवरी, रविवार को पेश किया जाएगा, जो संसद के इतिहास में दुर्लभ है। सत्र के दौरान असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों के चलते राजनीतिक माहौल और गर्म रहने की संभावना है।
विपक्ष जहां VB-जीरामजी कानून और SIR को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार इन्हें विकास और सुधार की दिशा में जरूरी कदम बता रही है। ऐसे में बजट सत्र के दौरान बहस और हंगामे—दोनों की संभावना बनी हुई है।
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