सीबीआई ने बुधवार को कहा कि वह पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को उन्नाव दुष्कर्म मामले में सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा के निलंबन और जमानत देने के दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी।
सीबीआई के प्रवक्ता ने बताया कि हाई कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ जल्द ही विशेष अनुमति याचिका दायर की जाएगी। हालांकि, हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद सेंगर जेल में ही रहेंगे, क्योंकि वह दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में मृत्यु के मामले में भी 10 साल की सजा काट रहे हैं।
राहुल गांधी से मुलाकात
उन्नाव पीड़िता और उनके परिवार ने बुधवार को लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा मांगा। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इस मुलाकात में मौजूद थीं।
परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में सेंगर के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए शीर्ष वकील उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, जिस पर राहुल गांधी ने सकारात्मक आश्वासन दिया। इसके अलावा, परिवार ने सुरक्षा और बेहतर जीवन की व्यवस्था के लिए मदद मांगी, जिसमें रोजगार और किसी कांग्रेस शासित राज्य में रहने की सुविधा शामिल थी। राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने इन सभी अनुरोधों पर सहयोग का भरोसा दिया।
इंडिया गेट पर विरोध और गंभीर टिप्पणी
राहुल गांधी ने उन्नाव पीड़िता के परिवार को इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन से रोकने की आलोचना करते हुए कहा कि दुष्कर्मियों को जमानत देना और पीड़ितों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करना न्याय नहीं है। उन्होंने कहा, “ऐसी अमानवीय घटनाओं के बीच समाज मृत बन जाता है। लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना अधिकार है और उसे दबाना अपराध है।”
प्रधानमंत्री से मिलने की मांग
पीड़िता और उनकी मां ने प्रधानमंत्री से मिलने का भी समय मांगा। पीड़िता की मां ने रोते हुए कहा कि हाई कोर्ट का फैसला उनके लिए न्याय नहीं बल्कि उनके बच्चों के लिए खतरा है।
सीबीआई की याचिका और कांग्रेस नेताओं के प्रयासों के बीच मामला सुप्रीम कोर्ट में आने वाला है, जो सेंगर की जमानत के खिलाफ कानूनी लड़ाई में अहम मोड़ साबित होगा।
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